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नेपाल संकट: अपनों से संपर्क नहीं, उत्तराखंड में परिजन चिंतित, कंट्रोल रूम में मदद के लिए आई छह कॉल

Sat, 29 Aug 2026 02:04 PM IST
Renu Saklani अमर उजाला न्यूज डेस्क, देहरादून

सार

नेपाल में आए भीषण सैलाब की चपेट में आकर करीब 400 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। 30 देशों के 1400 से अधिक लापता लोगों में 290 भारतीय भी शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने भारतीयों की मदद के लिए कंट्रोल रूम का नंबर जारी किया है।
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उत्तराखंड आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन - फोटो : ANI
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विस्तार
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नेपाल में आई आपदा के बाद कई लोगों से उनके परिचितों का संपर्क नहीं हो पा रहा है। इन परिचितों ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के हेल्पलाइन पर फोन कर नेपाल में लापता लोगों की तलाश के लिए मदद मांगी है।

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मुंबई के रहने वाले राहुल पुरोहित ने बताया कि अमेरिका निवासी उनके दो परिचित जिगनेश मर्चेंट और तेजल मर्चेंट नेपाल स्थित रिचा ट्रैक के माध्यम से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। हरिद्वार के अंकित शर्मा ने बताया गया है कि उनके मैनेजर के मामा रामरमन व मामी एआरके रमन जो मुंबई के रहने वाले हैं, हिल एंड ट्रैवलर कंपनी के माध्यम से नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।

पिथौरागढ़ धारचूला के रवि रंजन ने सूचना दी है कि उनके मैनेजर की बहन वीना कुलकर्णी जो मुंबई के रहने वाली हैं, वह तेमूर वार्डर (नेपाल) से लापता हैं। गुड़गांव के निधि शर्मा ने बताया कि उनके दोस्त के पति पंकज नाथ (लंदन निवासी) भी नेपाल में आई आपदा में लापता हैं, उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।
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उत्तरकाशी डीईओसी ने बताया कि कनाडा के रहने वाले मोहित कौशिक नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, उनका भी पता नहीं चल पा रहा है। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उपरोक्त सूचनाओं को गृह मंत्रालय के साथ साझा किया गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से गृह मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क बनाया जा रहा है।

 

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आठ लोगों के बारे में जानकारी दी गई: आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव
उत्तराखंड आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि नेपाल में बने संकट को लेकर राज्य कंट्रोल रूम और जिलों की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबरों पर अब तक छह फोन कॉल प्राप्त हुई हैं। इन कॉल के जरिए कुल आठ लोगों के बारे में जानकारी दी गई है।

उन्होंने बताया कि इन आठ लोगों में तीन उत्तराखंड के, दो अमेरिका के, एक कनाडा और दो मुंबई के निवासी हैं। इनके परिवार के सदस्यों या करीबी रिश्तेदारों ने उत्तराखंड से हेल्पलाइन पर संपर्क किया है। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक जानकारी भेजी जा रही है। हालांकि, अभी तक ऐसी कोई कॉल नहीं मिली है, जिससे यह पता चले कि नेपाल में फंसे लोग उत्तराखंड के निवासी हैं।

सुमन ने बताया कि उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है और आने वाले दिनों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। 29 अगस्त को बागेश्वर और पिथौरागढ़ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 30 अगस्त को सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट है।

उन्होंने बताया कि 31 अगस्त को चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और देहरादून में ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, 1 सितंबर को देहरादून और टिहरी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम को देखते हुए सभी जिलों को एडवाइजरी जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

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नेपाल में महिला लापता, मदद मांगी

नेपाल में आयी आपदा में एक ब्रिटिश नागरिक मीना गुप्ता लापता हो गई है। तलाश के लिए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से महिला के धारचूला के रहने वाले प्रधान संगठन ब्लॉक (धारचूला) के अध्यक्ष चंचल धामी ने मदद मांगी है। चंचल धामी ने बताया कि मीना गुप्ता के भाई संजीवनी गुप्ता पहले धारचूला में एनएचपीसी में कार्यरत थे, तब से उनसे परिचय है। उनकी बहन मीना गुप्ता बीते दिनों नेपाल ईशा फांडेशन के साथ एक ग्रुप में आयी थी। इसमें 77 सदस्य थे। मीना गुप्ता की अपनी मां से 25 अगस्त को जीरॉन्ग इमीग्रेशन सेंटर से आखिरी बार बात हुई थी, उसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका है, उनकी तलाश के लिए परिवार के सदस्यों ने उनसे संपर्क किया था। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग से मीना गुप्ता की तलाश करने में मदद मांगी है।

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