नीट-2 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने के प्रयास के मामले की सोमवार को होने वाली सुनवाई समयाभाव के कारण टल गई। हाईकोर्ट ने पूर्व में मेडिकल की अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा नीट-2 (नेशनल एलिजिबिलिटी एंड एंट्रेंस टेस्ट) परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने के मामले में सीबीएसई बोर्ड को जवाब दाखिल करने और पुलिस को रिपोर्ट देने के निर्देश दिया था।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई होनी थी। मामले के अनुसार राजस्थान निवासी अंशुल शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि 23 जुलाई 2016 को रामनगर में नीट-2 की परीक्षा का पेपर लीक करने के प्रयास में तीन लोगों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। ये लोग ढिकुली के एक रिसार्ट में 44 छात्र-छात्राओं को प्रश्न और उनके उत्तर डिक्टेट करा रहे थे।
एक अभ्यर्थी से दस से पचास लाख तक वसूले
पुलिस के मुताबिक उन्हें एक गोपनीय पत्र से पता चला था कि इस बार बिहार मूल के कुछ लोग बिहार के 300 छात्र और छात्राओं को हल्द्वानी में परीक्षा के पूर्व ही पेपर लीक कर देंगे। पुलिस की छानबीन में पता चला था कि इनमें से कुछ लोग जो हल्द्वानी के होटलों में ठहरे थे वे बिना चेक आउट किए रामनगर गए हैं।
पुलिस टीम रामनगर में सक्रिय हुई और वहां से तीन आरोपियों को प्रश्नों के उत्तर बताते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। यहां मौजूद 44 विद्यार्थी बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली, लखनऊ और आजमगढ़ के थे। पुलिस को पता चला था कि यह लोग एक परीक्षार्थी से दस लाख से लेकर पचास लाख रुपये तक ले रहे हैं। याचिकाकर्ता ने एसएसपी की जांच रिपोर्ट दाखिल करने व आरोप सही साबित होने पर परीक्षा पर रोक लगाने की मांग की थी।