कैंची धाम के संस्थापक नीम करौली महाराज की परम शिष्या सिद्धि माई (95) ब्रह्मलीन हो गईं। उन्होंने बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे अंतिम सांस ली। यह समाचार सुनने के बाद नैनीताल स्थित तीर्थम आश्रम में उनके अंतिम दर्शन के लिए भक्तों का तांता लग गया।
उनका स्वास्थ्य बीते कुछ दिनों से खराब चल रहा था। 3 दिसंबर को नैनीताल स्थित आश्रम में उन्होंने अपने भक्तों को आखिर बार दर्शन दिए थे। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को हरिद्वार स्थित कनखल में होगा।
अल्मोड़ा निवासी सिद्धि माई का विवाह नैनीताल के तुलाराम साह के साथ हुआ था। सिद्धि माई के दो पुत्र होटल एसोसिएशन नैनीताल के अध्यक्ष दिनेश लाल साह और योगेश साह हैं। उनकी एक पुत्री गीता साह कूर्मांचल नगर सहकारी बैंक लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन आलोक साह की पत्नी हैं।
बाबा नीब करौरी की शिष्या बनने के बाद उन्होंने अपने परिवार को छोड़ दिया था और पूरी तरह से समाजसेवा में तल्लीन हो गई थीं। सिद्धि माई के ब्रह्मलीन होने के बाद उनके पार्थिव शरीर को दिनेश लाल साह के मालरोड स्थित इंडिया होटल में लाया गया जहां सैकड़ों भक्तों ने उनके अंतिम दर्शन किए।