उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने कहा कि वह कांग्रेस का साथ नहीं छोड़ेंगे। लेकिन अगर पार्टी लोकसभा का टिकट नहीं देती है तो वह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़कर जनता की सेवा करेंगे।
वह शुक्रवार की रात ग्राम कच्ची खमरिया में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। कहा कि वह 70 वर्षो से देश की सेवा कर रहे हैं।
लेकिन उन्हें षड्यंत्र के तहत फंसाकर प्रदेश के विकास को आठ वर्ष पीछे धकेल दिया गया है।
राज्य पर हावी हो गई सांप्रदायिक शक्तियां
उन्होंने कहा कि जब तक वे राजनीति में रहे प्रदेश में अमन चैन बना रहा। राजनीति से दूर होने पर सांप्रदायिक शक्तियां हावी हो गई।
इससे पहले उनका फूलमालाओं से जोरदार स्वागत किया गया। इस मौके पर पूर्व दर्जा मंत्री हरीश पनेरू, गुड्डू तिवारी, भवानी दत्त भट्ट, मुख्तार अहमद, मुस्ताक अहमद, अशोक,मौसीन मलिक, मोहन पाठक, बंटी मलिक, राशिद आदि मौजूद थे।
रायशुमारी के बाद लिया जाएगा फैसला
पूर्व सीएम एनडी तिवारी ने कहा कि चुनाव लड़ने का निर्णय जनता से रायशुमारी के बाद लिया जाएगा। फिलहाल वह जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं। अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान करेगी।
यह बात उन्होंने शनिवार रात्रि में नुक्कड़ सभा में संबोधन के दौरान कही। इससे पूर्व कांग्रेस नेता मो. आलम के प्रतिष्ठान पर तिवारी का जोरदार स्वागत हुआ।
ये लोग रहे मौजूद
नुक्कड़ सभा को तिवारी के पुत्र रोहित शेखर, कांग्रेस नेता बीडी भट्ट, मोहन पाठक, धर्मचंद खेड़ा, हरिचंद छाबड़ा, विजय भुड्डी, मो. आलम ने भी संबोधित किया।
इस दौरान मनु चौधरी, राजू डूमरा, टीकम खेड़ा, विकास तनेजा, दीपक गाबा, दलीप सिंह, सत्यजीत गुलाटी, हरिचंद कंबोज आदि थे।