पूर्व सीएम एनडी तिवारी रामनगर को एजुकेशनल हब बनाना चाहते थे। एनडी तिवारी को पहाड़ से काफी लगाव था। वह इसी लगाव के चलते समय-समय पर यहां पर विकास कार्य करते थे। एजुकेशनल हब बनाने के लिए एनडी तिवारी ने रामनगर में डिग्री कॉलेज को शासकीय कराया। केंद्र में उद्योग मंत्री रहते 1986 में इलेक्ट्रॉनिक सेवा एवं प्रशिक्षण केंद्र कानिया की स्थापना की, जबकि यह प्रशिक्षण केंद्र दक्षिण भारत में खुल रहा था। यहां उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामदत्त जोशी राजकीय संयुक्त चिकित्सालय, दवा फैक्ट्री आईएमपीसीएल मोहान, तहसील परिसर, सिविल कोर्ट, दाबका, गर्जिया मंदिर, मालधन क्षेत्र में पुलों का निर्माण कराया। गांवों तक सड़कों का जाल बिछाया। ट्रांसपोर्टनगर, ऑडिटोरियम, नगर पालिका का सामुदायिक भवन बनवाया।
छात्रों हितों के लिए तत्पर रहते थे
रामनगर (नैनीताल)। एनडी तिवारी छात्रनेताओं की मांग भी पूरी कर देते थे। वर्ष 1978 में वन बचाने को लेकर वनों के ठेके बंद करने के लिए छात्र आंदोलित थे। इस दौरान नैनीताल क्लब में आगजनी हो गई और पुलिस ने लाठीचार्ज कर कई आपराधिक धाराओं में मुकदमे दर्ज किए थे। डीएसबी परिसर नैनीताल के तत्कालीन छात्र संघ अध्यक्ष भगीरथ लाल चौधरी सहित 13 छात्र नेताओं पर मुकदमे थे। उस समय तिवारी नेता प्रतिपक्ष थे। उन्होंने मुख्यमंत्री वीपी सिंह से कहकर छात्र हितों को देखते हुए मुकदमे वापस करा दिए थे।