उत्तराखंड की विधानसभा हल्द्वानी में पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी की हां और न के बीच भाजपा फंस गई है। भीमताल में भाजपा प्रदेश महामंत्री गजराज बिष्ट टिकट के लिए अड़े हैं और कोश्यारी पैरोकार बने हुए हैं। रामनगर भी फिलहाल फंसी हुई नजर आ रही है।
भाजपा ने 15 जनवरी तक प्रत्याशियों की सूची हर हाल में जारी करने की घोषणा की थी। अधिकतर सीटों पर दावेदारों की संख्या अधिक होने से भाजपा निर्धारित तिथि तक सूची जारी नहीं कर पाई। हल्द्वानी सीट पर सभी की नजर लगी है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के बेटे रोहित तिवारी को हल्द्वानी से प्रत्याशी फाइनल कर दिया, लेकिन रोहित लालकुआं से टिकट के लिए अड़ गए।
लालकुआं से नवीन दुम्का का टिकट फाइनल होने के बाद रोहित के हल्द्वानी से हां और न के बीच टिकट रोक दिया गया है। इसी तरह भीमताल से भाजपा प्रदेश महामंत्री गजराज बिष्ट की दावेदारी के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी पैरोकारी कर रहे हैं। जबकि, भाजपा के कुछ नेताओं ने पूर्व मंत्री गोविंद सिंह के लिए ताकत लगाई है।
रोहित नहीं लड़े तो अधिकारी बन सकती हैं दावेदार
हल्द्वानी से रोहित तिवारी के चुनाव लड़ने से इनकार करने और यशपाल आर्य के भाजपा में शामिल होने के बाद रेनू अधिकारी की दावेदारी मजबूत हुई है। रेनू अधिकारी के पति महेंद्र सिंह अधिकारी कांग्रेस में रहने के दौरान यशपाल आर्य के बेहद नजदीकी रहे हैं। यशपाल आर्य के भाजपा में शामिल होने से अधिकारी को ताकत मिली है।