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पितृत्व विवादः एनडी का दांव, कहा किसके साथ आऊं दिल्ली

Sat, 05 Oct 2013 11:23 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
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पितृत्व विवाद मामले में कांग्रेसी नेता एनडी तिवारी ने एक बार फिर यू टर्न लेते हुए लोकल कमिश्नर के समक्ष 8 अक्तूबर को पेश होने में असमर्थता व्यक्त की है।
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इस बार उन्होंने अपनी बीमारियों और छोटे भाई का स्वास्थ्य खराब होने का हवाला दिया है। उन्होंने जिरह को दो माह के लिए स्थगित करने का आग्रह भी किया है। सोमवार को हाईकोर्ट में उनके आवेदन पर सुनवाई होगी।

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कमिश्नर के समक्ष पेश होना होगा
अहम है कि हाल ही में हाईकोर्ट ने तिवारी को अपना पक्ष रखने के लिए अंतिम मौका प्रदान किया था। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा था कि उन्हें हर हाल में आठ अक्तूबर को लोकल कमिश्नर के समक्ष पेश होना होगा ताकि रोहित शेखर व उज्जवला शर्मा के वकील उनसे जिरह कर सके।
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लखनऊ के अस्पताल में इलाज चल रहा
इस पर तिवारी ने अपने आवेदन में कहा है कि वे आठ अक्तूबर को पेश होना चाहते थे। इसी के तहत उन्होंने अदालत के निर्देशानुसार लोकल कमिश्नर की फीस अदा कर दी थी। उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 88 वर्ष है और उनका लखनऊ के अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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तबीयत खराब होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ से दिल्ली की यात्रा न करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि उनके भाई प्रो रमेश चंद तिवारी की आयु भी 83 वर्ष और वे ही उनके साथ लखनऊ से दिल्ली आने वाले थे लेकिन उनको दिल की बीमारी के कारण 27 सितंबर से 30 सितंबर तक अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।

आठ अक्तूबर को दिल्ली आना संभव नहीं
डॉक्टरों ने उन्हें भी पूरी तरह से आराम की सलाह दी है और वे भी लखनऊ से दिल्ली की यात्रा नहीं कर सकते। तिवारी ने यह भी तर्क रखा कि लखनऊ में ऐसा कोई भी पारिवारिक सदस्य नहीं है जो उनके साथ दिल्ली की यात्रा कर सके।

तिवारी ने कहा ऐसी परिस्थितियों में उनका आठ अक्तूबर को दिल्ली आना संभव नहीं है। इसलिए उनके खराब स्वास्थ्य को देखते हुए उनसे जिरह आठ सप्ताह के लिए स्थगित की जाए।
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