वर्ष 2024 में 530 अपहरण के मामले सामने आए थे। इनमें से 94 प्रतिशत मामलों का खुलासा हुआ। बलात्कार के 98 फीसदी मामलों में खुलासा हुआ और आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। इसी का परिणाम रहा है कि वर्ष 2024 में वर्ष 2023 की तुलना में साइबर यौन अपराधों में 13 प्रतिशत की कमी आई है। उधर, बच्चों से संबंधित मामलों की बात करें तो वर्ष 2023 में राज्य में कुल 1025 बच्चे गुमशुदा हुए थे। इनमें 729 बालिकाएं तथा 296 बालक शामिल थे। पुलिस ने इनमें से 654 बालिकाएं और 279 बालकों सहित कुल 933 बच्चों को वर्ष 2023 के अंत तक बरामद कर लिया था। ये आंकड़े भी एनसीआरबी की रिपोर्ट में प्रकाशित किए गए हैं।
साइबर अपराध में दोषसिद्धि राष्ट्रीय औसत से ढाई गुनी
आईजी भरणे ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में पुलिस ने कुल 47.02 करोड़ रुपये वापस कराने में सफलता हासिल की है। इस मामले में पुलिस का देश में छठा स्थान है। जबकि, साइबर अपराधों में आरोपियों की दोष सिद्ध राष्ट्रीय औसत से ढाई गुना है। प्रदेश में 64 फीसदी से अधिक मामलों में पुलिस ने पैरवी कर आरोपियों को अदालत में दोषी करार कराया है। जबकि, राष्ट्रीय औसत करीब 27 फीसदी है। इस तरह अपराध दर्ज करने से लेकर अदालतों में मुकदमों की पैरवी के मामले में उत्तराखंड पुलिस का प्रदर्शन देश के कई राज्यों से बेहतर रहा है।