नयारघाटी साहसिक खेल महोत्सव के दूसरे दिन पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता में 52 प्रतिभागियों ने 1000 मीटर की ऊंचाई से उड़ानें भरी। टेक ऑफ स्थल ढाडूखाल से एक के बाद एक पैराग्लाइडर आसमान की डगर पकड़ते गए। पैराग्लाइडरों के हवा में अठखेलियां देख दर्शक रोमांचित हो उठे।
शुक्रवार को ढाडूखाल से हिमाचल, लद्दाख, महाराष्ट्र, अरुणाचल, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, कर्नाटक, पंजाब, पश्चिम बंगाल और नेपाल से आए प्रतिभागियों ने पैराग्लाइडिंग की उड़ानें भरीं। एक के बाद एक पैराग्लाइडर आसमान की डगर पकड़ते गए। देखते ही देखते पूरी नयार घाटी का आसमान रंग बिरंगे ग्लाइडरों से भर गया।
ग्लाइडर कभी हवा में अठखेलियां करते, आसमान की ऊंचाई में जाते, पहाड़ियों की ढलानों से उतरते, पेड़ों के झुरमुट से ग्लाइडर के साथ गुजरते पायलटों की हवा में कलाबाजी देख टेकऑफ स्थल के साथ ही लैंडिंग स्थल बिलखेत में मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। एक-एक कर पैराग्लाइडर तालियों के बीच लैंडिंग स्थल बिलखेत में उतरते रहे।
आयोजन समिति के विनय सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता में दो दिन में कुल 150 उड़ानें भरी गई हैं। साथ ही 10 टैंडम उड़ानें भी भरी गई हैं। इसमें पायलट के साथ एक अन्य व्यक्ति भी उड़ान में शामिल होता है। पैराग्लाइडिंग विशेषज्ञ मनीष जोशी ने कहा कि नयारघाटी में पैराग्लाइडिंग के लिए बहुत ही बेहतरीन साइट है।
जहां पर विश्व स्तरीय पैराग्लाइडिंग की जा सकती है। देशभर से आए पैराग्लाइडर बिलखेत की प्राकृतिक सौंदर्य से रोमांचित हो उठे। प्रतियोगिता में प्रथम तीन स्थानों पर रहने वाले प्रतिभागियों को क्रमश: 50 हजार, 30 हजार एवं 20 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।