अपनी काबिलियत के बूते अपनी पसंद के क्षेत्र में मुकाम बनाना अलग बात है, लेकिन बात तब है, जब इस मुकाम की बदौलत दूसरों के जीवन में उजाला फैले।
मूल रूप से उत्तराखंड पौड़ी की रहने वाली और जीवन के कई साल कोटद्वार में बिताने वाली कृतिका रावत कई के जीवन में ऐसा ही उजाला लेकर आईं हैं।
वर्तमान में दुबई की सेलिब्रिटी आरजे और के कंपनी की एमडी कृतिका की शख्सियत के बारे में जानने के लिए दुबई का राशिद अस्पताल एक छोटी मिसाल है
यहां उन्हें कई की जिंदगी बचाने वाली खातून की पहचान हासिल है। इस अस्पताल में लाई गई 6 दिन की दृष्टिबाधित बच्ची अफसाना की सर्जरी हो या ऑन ड्यूटी एक्सीडेंट के शिकार हुए डिलीवरी ब्वाय हामिद के लिए कृत्रिम टांग का संकट।
ये हैं कृतिका की उपलब्धियां
ब्रेन ट्यूमर से लड़ रहा 8 साल के सौरभ की सर्जरी का मसला हो या कैंसर से लड़ रहे रूद्राक्ष का ट्रीटमेंट कृतिका ने अपने बूते हर किसी की बढ़-चढ़कर मदद की।
बात मजलूमों की आई तो उसने अजमान में बच्चों के स्कूल के लिए पूरी लाइब्रेरी तैयार कर दी। अपने रेडियो शो के जरिए पावर टू नॉलेज अभियान चलाकर अपने सुनने वालों को भी उसने इन गतिविधियों से सीधे जोड़ा।
कृतिका के नौकरीपेशा पिता तकरीबन ढाई दशक पहले दुबई चले गए थे। महज 30 साल की उम्र में पति गौरव टंडन के संग परिवार जमाने के साथ ही रेडियो और टेलीविजन प्रोडक्शन के निर्माण से जुड़ी के कंपनी की एमडी हैसियत के साथ ही वह रेडियो बिजनेस में 105.4 रेडियो स्पाइस के प्रबंध सलाहकार के तौर पर भी व्यस्त हैं।
उनकी कंपनी आइडिएशन, सेप्चुअलाइजेशन, रिसर्च, डाक्यूमेंटेशन, शूटिंग, सेट डेवलपमेंट, एनिमेशन, कंटेंट प्रोवाइडर, पोस्ट प्राडक्शन से जुड़े सभी काम देखती है।
मिडिल ईस्ट में कृतिका के नाम पर केक
चंद साल पहले काम के सिलसिले में दुबई पहुंची कृतिका इस वक्त एशियन कम्युनिटी की गैर-औपचारिक राजदूत कहलाती हैं। वह संभवत: मिडिल ईस्ट की अकेली ऐसी शख्सियत हैं, जिनके नाम पर केक का नाम रखा गया है।
इस पर कृतिका के हस्ताक्षर हैं। वहां के बड़े प्रतिष्ठान बेकमार्ट प्लस का यह बेस्ट सेलिंग केक है।
बातें बनाने का शौक था, आज इससे कामयाब
सिंगिंग और बातें बनाने के शौक से रेडियो में इंट्री लेने वाली कृतिका ने अपनी मेहनत और लगन से बहुत जल्द वह हासिल किया, जो उसका सपना था।
निजी शोज के जरिए भी उसने खुद को वित्तीय रूप से मजबूत करने का कार्य किया। बाद में चंद साथियों के साथ मिलकर कंपनी खोली, जो इस वक्त कामयाबी की राह पर है।