नवरात्र पर घर में कलश (घट) स्थापना का विशेष महत्व है। अगर आप इस मुहूर्त में घट स्थापना करेंगे तो बेहद शुभ होगा।
इस बार चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग होने से घट-स्थापना के लिए 48 मिनट का ही समय मिल रहा है। ज्योतिषियों के मुताबिक अभिजीत मुहूर्त में ही घट-स्थापना करें।
इधर सोमवार को शारदीय नवरात्र के लिए मंदिर से लेकर बाजार तक सजे हुए हैं। अश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा में नवरात्र के पहले दिन घरों और मंदिरों में घट-स्थापना की जाएगी। घट स्थापना का शुभ समय सुबह 11:40 से दोपहर 12:28 तक रहेगा।
घट स्थापना : श्रद्धालु पीली मिट्टी में जौ बोएं। कलश में रोली से स्वास्तिक का निशान बनाएं। कलश में शुद्ध जल भरें और उसमें चावल डाले, पंच पल्लव (आम के पत्ते) रखें। जौ अथवा धान से भरा मिट्टी के सकोरे से ढककर उसके ऊपर जटा वाला नारियल रखें। मां को पान, सुपाड़ी, कलावा, रोली अक्षत, कुमकुम, लौंग, पुष्प अर्पित करें।
निर्णय सिंधु के अनुसार प्रतिपदा तिथि के समय चित्रा नक्षत्र या वैधृति योग हो तो ऐसे में अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापित करना चाहिए।
- आचार्य डॉ. सुशांत राज
पहले दिन मंदिरों में देवी के शैलपुत्री स्वरूप का पूजन किया जाएगा। अभिजीत मुहूर्त में ही घट-स्थापना करना शुभ रहेगा।
- आचार्य भरत राम तिवारी
नौ दिनों तक इन नौ स्वरूपों का होगा पूजन
शैलपुत्री
ब्रह्मचारिणी
चंद्रघंटा
कूष्मांडा
स्कंदमाता
कात्यायनी
कालरात्रि
महागौरी
सिद्धिदात्री