फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Navratri 2024: नहीं थमेंगे महिलाओं के कदम, बच्चे सरकार संभाल लेगी...अब यहां क्रेच के सुविधा मिलने से बड़ी राहत

Thu, 03 Oct 2024 08:14 AM IST
रेनू सकलानी अवनीश चौधरी, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

आंगनबाड़ी पालना केंद्र की शुरुआत पांच अक्तूबर से हरिद्वार और सेलाकुई से होगी। दिन में किसी भी समय महिलाएं निशुल्क बच्चों को क्रेच में छोड़ सकती हैं।
विज्ञापन
मंत्री रेखा आर्य - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

घर में बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी के चलते महिलाएं नौकरी या व्यवसाय करना तो दूर महज आधे-एक घंटे के लिए बाजार तक नहीं जा पाती हैं। ऐसी महिलाओं के लिए नवरात्रों के मौके पर विशेष उपहार मिलने जा रहा है।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग पांच अक्तूबर को हरिद्वार और सेलाकुई में आंगनबाड़ी कम क्रेच (पालना केंद्र) की शुरुआत करने जा रहा है, जहां सुबह से शाम तक किसी भी समय, कितनी भी देर, छह महीने से लेकर छह साल तक के बच्चों को छोड़कर बेफिक्र जाया जा सकता है, वो भी बिलकुल निशुल्क। इन पालना केंद्रों पर बच्चों के लिए तीन समय का आहार, सोने की व्यवस्था, खिलौने, झूले, शिशुओं व बच्चों के लिए शौचालय आदि सुविधाएं मिलेंगी। जरूरत पड़ने पर कपड़े और डायपर तक देने की व्यवस्था है।

प्राइवेट क्रेच की सुविधाएं महंगी पड़ती

विज्ञापन

ये दोनों पालना केंद्र फिलहाल नजीर के तौर पर शुरू किए जा रहे हैं, जिसका उद्घाटन हरिद्वार के पालना केंद्र से होगा। सेलाकुई भी साथ-साथ चलेगा। आने वाले समय में राज्य के पांच जिलों में 32 पालना केंद्र और तैयार किए जाएंगे। जहां महिलाएं दिनभर के लिए या कुछ घंटों के लिए अपने बच्चों को छोड़कर कहीं भी जा सकती हैं। प्राइवेट क्रेच की सुविधाएं महंगी पड़ती हैं जहां कई बार माता को बच्चों का आहार भी टिफिन में छोड़कर जाना प़ड़ता है लेकिन सरकारी पालना में न सिर्फ आहार की सुविधा निशुल्क होगी, बल्कि बच्चे की हर आवश्यकता का ख्याल रखा जाएगा।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand: ड्रोन नीति तो बनी लेकिन काॅरिडोर नहीं बन पाए, राज्य में बड़ी संख्या में हैं अति संवेदनशील क्षेत्र

जरूरत पड़ने पर किराए के भवन में चलाएंगे क्रेच

सरकार की योजना है कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों में पर्याप्त जगह है, उन्हें ही पालना के रूप में तैयार किया जाएगा। जिन जगहों पर पालना की बड़ी आवश्यकता है और आंगनबाड़ी केंद्र में जगह कम है तो वहां किराए के भवन में पालना केंद्र शुरू करने की योजना है। केंद्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अलावा सहायिका और प्रशिक्षित क्रेच वर्कर भी रखे जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें