नव प्रभात (बाएं) और राजंद्र भंडारी
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हरीश रावत मंत्रिमंडल में खाली दो पदों को भरने के लिए नाम तय हो गए हैं। शपथ लेने तक सब कुछ ठीक रहा तो बदरीनाथ से विधायक राजेंद्र भंडारी और विकासनगर से विधायक नवप्रभात नए मंत्री होंगे। मुख्यमंत्री ने गढ़वाल से खाली हुए दोनों पद वहीं से भरे और ब्राह्मण-क्षत्रिय का संतुलन बिठाया है। अंदरखाने इन दोनों नाम पर आलाकमान ने भी सहमति जता दी है। दोनों ही विधायक मंगलवार को दिल्ली में मौजूद थे।
ब्राह्माण मतदाताओं को साधने की कोशिश
मंत्रिमंडल में इन दोनों नामों को शामिल करने के राजनीतिक मायने हैं। नवप्रभात पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के करीबी माने जाते थे और मार्च की भगदड़ में उन्होंने कांग्रेस का हाथ मजबूती से थामे रखा। इसी प्रकार सतपाल महाराज के करीबी कहे जाने वाले राजेंद्र भंडारी न महाराज के पार्टी छोड़ने के समय गए और न दूसरी बार मार्च में उन्होंने पार्टी का साथ छोड़ा।
हरीश रावत पर पार्टी में क्षत्रियों की ओर झुकाव का आरोप लगता है लिहाजा राजेंद्र भंडारी के साथ ब्राह्मण नवप्रभात को मौका दिया है। गौरतलब है कि मंत्रिमंडल में एक सीट सहयोगी रहे सुरेंद्र राकेश के निधन और दूसरी हरक सिंह रावत के पार्टी छोड़ने से खाली हुई है।
सोनिया से विस्तृत बातचीत हुई: सीएम
मंत्रिमंडल विस्तार के संबंध में सोनिया गांधी से विस्तृत बातचीत हुई है, उन्हें प्रदेश के राजनैतिक हालातों से भी अवगत कराया गया। मंत्रिमंडल में किसे शामिल किया जाए इस संबंध में उन्होंने जल्द संकेत देने की बात कही है। फिलहाल किसी के नाम पर मुहर नहीं लगी है।
-हरीश रावत, मुख्यमंत्री