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स्वामी विवेकानंद ने देवभूमि में भी रमाई थी धूनी, शिव मंदिर में कई दिन तक साधना में रहे थे लीन

Sat, 12 Jan 2019 10:05 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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स्वामी विवेकानंद अपने जीवनकाल में दो बार राजधानी देहरादून भी आए थे। उन्होंने यहां कई दिन गुजारे। साथ ही अपने गुरु भाई के साथ उन्होंने कई दिन तक तपस्या की। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश के कई अन्य इलाकों का भ्रमण भी किया था।

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पूरी दुनिया को भारतीय मेधा के एक नए रूप से परिचित कराने वाले स्वामी विवेकानंद अपने जीवनकाल में कई बार उत्तराखंड आए। यहां अलग-अलग स्थानों पर उन्होंने साधना की। उन्होंने कुमाऊं और गढ़वाल के अलग-अलग इलाकों में दिन गुजारे। 

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जानकारों के अनुसार स्वामी विवेकानंद पहली बार वर्ष 1890 में देहरादून आए थे। वह अपनी यात्रा के तहत कुमाऊं के अलग-अलग स्थानों से होते हुए श्रीनगर गढ़वाल भी पहुंचे। यहां से टिहरी के रास्ते वह देहरादून पहुंचे थे। उन्होंने राजपुर स्थित बावड़ी शिव मंदिर में कई दिन तक प्रवास किया। अपने गुरु भाई स्वामी तुरियानंद के साथ उन्होंने कई दिन तक तपस्या की।

बाद में स्वामी करूणानंद ने यहां आश्रम स्थापित किया। उनके समय में ही रामकृष्ण मिशन धर्मार्थ औषधालय भी शुरू किया गया। जिसका आज भी लोगों को लाभ मिल रहा है। दूसरी बार वह वर्ष 1897 में उत्तराखंड आए। तब उन्होंने ज्यादातर समय प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में गुजारा। वह कुछ समय के लिए ही देहरादून आए थे। 
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