वहीं डॉक्टरों के मुताबिक छात्रा की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी देवी ने बताया कि छात्रा के इलाज में किसी भी तरह की कमी न होने के निर्देश डॉक्टरों को दिए गए हैं। वे जल्द ही उत्तराखंड पुलिस से संपर्क कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील भी करेंगी।
बता दें कि बीते रविवार को पौड़ी जिले में परीक्षा देकर लौट रही छात्रा को एक युवक जबरन रास्ते में रोककर जबरदस्ती करने लगा था। जब छात्रा ने उसका विरोध किया तो उसने पेट्रोल डालकर छात्रा को आग लगा दी थी, जिससे छात्रा करीब 70 फीसदी तक झुलस गई थी। एम्स ऋषिकेश में तीन दिन इलाज होने के बाद बुधवार को उसे दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल भेज दिया गया था।