इसके साथ ही इस पूरे प्रकरण में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, टिहरी और देहरादून के जिलाधिकारी, पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) और टिहरी के पुलिस अधीक्षक को दिल्ली तलब किया हैं। 15 मई को आयोग इस मामले की सुनवाई करेगा।
सामाजिक संगठनों की शिकायत मिलने पर मैंने देहरादून और टिहरी के जिलाधिकारियों से ब्यौरा तलब किया है। देहरादून के जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि वे पोस्टमार्टम के लिए पांच चिकित्सकों का पैनल बनाएंगे और कैमरे के सामने पोस्टमार्टम करेंगे।
मुख्य सचिव व डीजीपी को आयोग में बुलाया गया हैं। मैं स्वयं बुधवार या बृहस्पतिवार को पीड़ित परिवार से मिलने जाऊंगी। इस घटना में मैंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दोषियों को गिरफ्तार किया जाए और जो दोषी नहीं है, उन्हें परेशान न किया जाए। - डॉ. स्वराज विद्वान, सदस्य, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग
राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष बीआर आर्य ने भी घटना के बारे शासन व प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। आयोग के सचिव जीआर नौटियाल ने टिहरी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस भेजा है, जिसमें घटना की तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
अनुसूचित जाति के युवक की पिटाई से हुई मौत के मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की टीम श्रीकोट गांव आएगी। एनएचआरसी की वरिष्ठ सदस्य ज्योतिका कालरा ने पूर्व सांसद तरुण विजय के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल को टीम भेजने का आश्वासन दिया है। टीम पीड़ित परिवार के घर जाकर घटना की जानकारी लेगी।
घटना के उजागर होने के बाद पूर्व सांसद तरुण विजय ने इसकी नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से शिकायत की है। आयोग की सदस्य कालरा ने पूरे प्रकरण में पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली और दर्ज मामले की धाराओं पर भी सवाल खड़ा किया।