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सरकारी अस्पताल में फर्श पर डिलीवरी मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सख्त, डीएम-एसएसपी को नोटिस

Thu, 15 Nov 2018 07:01 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के सबसे बड़े दून महिला अस्पताल में दो माह पूर्व फर्श पर प्रसव होने और इलाज के दौरान प्रसूता और नवजात की मौत होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सचिव चिकित्सा के अलावा जिलाधिकारी और एसएसपी को नोटिस जारी किया है।

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आयोग अध्यक्ष ने सचिव चिकित्सा समेत तमाम अफसरों से चार सप्ताह में प्रकरण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने उत्तराखंड राज्य मानवाधिकार आयोग के सचिव से भी रिपोर्ट मांगी है।

उल्लेखनीय है कि दून महिला अस्पताल में 20 सितंबर को मसूरी निवासी महिला को अस्पताल में बेड नहीं मिलने से फर्श पर प्रसव हो गया था। प्रसव उपरांत प्रसूता को तत्काल समुचित इलाज नहीं मिलने की वजह से प्रसूता और नवजात दोनाें की मौत हो गई थी।

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इस मामले को लेकर दून महिला अस्पताल में तमाम राजनीतिक दलों व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने जबरदस्त हंगामा किया था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था। 

अब इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष ने सचिव चिकित्सा के अलावा जिलाधिकारी और एसएसपी को नोटिस जारी कर दिया है। आयोग अध्यक्ष ने घटना पर दुख जताते हुए तमाम अफसरों से चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट तलब की है। आयोग अध्यक्ष ने उत्तराखंड राज्य मानवाधिकार आयोग के सचिव से यह ब्योरा तलब किया है कि आयोग ने अपने स्तर पर क्या कार्रवाई की। 

बता दें के समाजसेवी भूपेंद्र कुमार ने इस प्रकरण से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को अवगत कराया था, जिस पर आयोग ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आला अफसरों से रिपोर्ट तलब की है। दूसरी ओर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसरों में हड़कंप की स्थिति है।  
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