फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भूमि मिलने में देरी से बढ़ी राष्ट्रीय राजमार्गों की लागत

Tue, 28 Jun 2016 10:39 AM IST
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
नेशनल हाईवे - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
भूमि अधिग्रहण में देरी, प्रदेश की चार पुरानी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की राह का रोड़ा बन गई है। भूमि अधिग्रहण समय से न होने के कारण इन परियोजनाओं की लागत बढ़ रही है, जिससे इनके अटकने के आसार पैदा हो गए हैं।
विज्ञापन


इन परियोजनाओं पर कार्य कर रहीं कार्यदायी संस्थाओं ने लागत का नया बजट भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को देना शुरू कर दिया है। इस संबंध में प्राधिकरण ने केंद्र को सूचित करने के साथ प्रदेश शासन को भी अवगत कराया है।

राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के स्वीकृत होने के वक्त ही भूमि अधिग्रहण के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग ने विभिन्न जिलों के भू अध्याप्ति अधिकारियों को भुगतान कर दिया था, लेकिन अभी तक भूमि अधिग्रहण नहीं हो सका। जिन लोगों की जमीन ली जानी है, उनमें सभी को अभी तक भुगतान नहीं किया जा सका। इस वजह से कई स्थानों पर काम लटका हुआ है। समय बीतने के साथ निर्माण लागत बढ़ रही है। तय बजट से अनुमानित लागत बहुत आगे निकल गई है।
विज्ञापन


हरिद्वार-दून राष्ट्रीय राजमार्ग कीमत अधिक होने से पूरा नहीं हो पा रहा, जिससे प्राधिकरण ने इसे टर्मिनेशन नोटिस थमा दिया। यही स्थिति मुजफ्फरनगर से हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग की हो रही है। काशीपुर से सितारगंज और सितारगंज से टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना की स्थिति भी बिगड़ रही है।

कार्यदायी संस्थाएं प्राधिकरण को अब संशोधित बजट बता रही हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकारी एमपीएस राणा का कहना है कि समय से भूमि अधिग्रहण न होने से परियोजनाओं की लागत बहुत बढ़ गई है। कार्यदायी संस्थाएं नया बजट दे रही हैं। भूमि अधिग्रहण के संबंध में पहले ही पैसा जमा कर दिया है, लेकिन भू अध्याप्ति अधिकारियों ने मुआवजा देने में देर कर दी, जिससे लोग अब भूमि देने में आनाकानी कर रहे हैं।

यह है स्थिति
मुजफ्फरनगर से हरिद्वार-80 किमी, कार्यदायी संस्था ईरा सिब्मोस्ट
पुराना बजट-745 करोड़
संशोधित बजट-1500 करोड़

हरिद्वार-दून-39 किमी, कार्यदायी संस्था ईरा सिब्मोस्ट
पुराना बजट-478 करोड़
संशोधित बजट-695 करोड़ (टर्मिनेशन नोटिस मिला)

काशीपुर-सितारगंज, 77 किमी, कार्यदायी संस्था गल्फार कॉंट्रेक्टिंग
पुराना बजट-605 करोड़
संशोधित बजट तैयार किया जा रहा

सितारगंज से टनकपुर, 52 किमी, कार्यदायी संस्था एचजीई इंफ्रा इंजीनियरिंग
पुराना बजट-243 करोड़
संशोधित बजट तैयार किया जा रहा

भू् अध्याप्ति अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है कि मुआवजे का वितरण करें। राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के भूमि अधिग्रहण के मामलों को जल्दी से निस्तारित किया जाए।
विज्ञापन

- डीएस गर्ब्याल, सचिव राजस्व

Published By : Nirmala Suyal
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें