एडीबी द्वारा अधिकतर कार्यों को अधूरा छोड़े जाने के खिलाफ कैंट विधायक हरबंस कपूर एडीबी दफ्तर पर धरने में बैठ गए। विधायक के धरने पर बैठने की सूचना पर समर्थक भी वहां पहुंच गए।
एडीबी अफसरों के आश्वासन पर विधायक ने धरना स्थगित किया। सोमवार सुबह विधायक कपूर ने स्कूटर से मोहित विहार, मिलन विहार, द्रोणपुरी, कालिंदी एंकलेव, अंकितपुरम, सांभवी लोक, संगम विहार, गांधी ग्राम, श्रीरामपुरम, टीचर्स कालोनी, गोविंदगढ़, आजाद कालोनी, विजय पार्क एक्सटेंशन, मित्रलोक कालोनी, दीपलोक कलोनी, आकाशदीप कालोनी और राजेंद्रनगर आदि क्षेत्रों का भ्रमण किया।
विधायक ने देखा कि जगह-जगह नालियों का निर्माण अधूरा पड़ा है। नालियों में मलबा अटा है और सड़कें उखड़ी पड़ी हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे आमजन को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद विधायक कपूर सुबह 10 बजे अकेले ही राजेंद्रनगर स्थित एडीबी कार्यालय पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए।
समर्थकों और कार्यकर्ताओं को पता लगा तो धीरे-धीरे वहां भीड़ लगने लगी। एडीबी अफसरों के कार्य पूरा करने के लिए कुछ दिन की मोहलत मांगने पर कपूर ने पांच दिन का समय दिया। इस मौके पर भाजपा जीएमएस मंडल अध्यक्ष डा. उदय सिंह पुंडीर, प्रेमनगर मंडल अध्यक्ष हरीश कोहली, महानगर महामंत्री आदित्य चौहान, पार्षद अमिता सिंह, शारदा गुप्ता, नंदिनी शर्मा, नीरज सेठी, पंकज जोशी, शुभम नेगी, मंजीत गुजराल आदि मौजूद रहे।
लाइन बिछाने के बाद फौरन गड्ढे भरे एडीबी
सीवर और पेयजल लाइन बिछाने के लिए जगह-जगह सड़कें खोद कर गड्ढों को समतल किए बिना छोड़ दिए जाने पर मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने नाराजगी जाहिर की है। सोमवार को सचिवालय में एडीबी परियोजना उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट इंवेस्टमेंट प्रोग्राम के कार्यों के प्रगति की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कार्य होने के तुरंत बाद सड़क समतल कर दी जाए। नाफरमान ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए। इस मौके पर 305.77 करोड़ बजट अनुमान को मंजूरी दी गई।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एडीबी परियोजना के तहत दून, नैनीताल, रुड़की, हरिद्वार आदि स्थानों पर कराए जा रहे कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। सबसे अधिक जोर खुदाई के कारण सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढों से लोगों को हो रही समस्या के समाधान पर दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि सीवर और पेयजल लाइन के बिछाए जाने के कार्य में तेजी लाई जाए। इसके साथ ही गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाए। गुणवत्ता में कमी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही निर्देश दिए गए कि जो ठेकेदार कार्य में लापरवाही कर रहे हैं और कार्य होने के बाद सड़कों के गड्ढों को यूं ही छोड़ दे रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बैठक में वर्ष 2016-17 के लिए 305.77 करोड़ रुपये के बजट अनुमान को मंजूरी दी गई। बताया गया कि वर्ष 2015-16 में ट्रांच एक और दो के 132.55 करोड़ रुपये के कार्य विभिन्न चरणों में हैं। बैठक में सचिव शहरी विकास डीएस गर्ब्याल, सचिव सिंचाई आनंद बर्धन, सचिव पेयजल अरविंद सिंह हयांकी, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, अपर सचिव शहरी विकास वी षणमुगम, नितिन भदौरिया आदि मौजूद थे।
परियोजना के कार्य
-देहरादून में 68 एमएलडी का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बना
-कस्बों में 565 किमी जल आपूर्ति लाइन बिछा दी गई
-दून में 108 किमी सीवरेज नेटवर्क बनाया गया है
-दून में 142 पंप स्थापित किये गये, इनमें 134 चालू
-46 ओवरहेड रिजर्वायर बने, 39 चालू
-जल आपूर्ति के 36460 घरों में कनेक्शन दिए
-नैनीताल में ट्यूबवेल, पंप हाउस, जलाशय का काम पूरा
-रुड़की में जलापूर्ति कनेक्शन का काम एनएच की अनुमति में देरी से अटका
Publised By : Nirmala Suyal