भारी बारिश से बरसाती नदियों के उफान पर आने के बाद हरिद्वार और नजीबाबाद को जोड़ने वाले दो पुल दरक गए हैं। दोनों पुलों के दरकने के बाद बड़े वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई। हरिद्वार से नजीबाबाद होते हुए बिजनौर जाने वाले बड़े वाहन अब रुड़की से मुजफ्फरनगर होते हुए बिजनौर जाएंगे। नजीबाबाद का सफर अब 125 किलोमीटर लंबा हो गया है।
दस अगस्त को हुई भारी बारिश के बाद हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे पर बरसाती नदी कोटावाली पर बने पुल पर दरार आ गई थी। पुल पर दरार आने के बाद बड़े वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई थी। बृहस्पतिवार रात और शुक्रवार दिन में हुई बारिश के बाद बरसाती नदी उफान पर आ गई।
इसके बाद यह पुल और दरक गया। दस अगस्त के बाद से बड़े वाहनों को उत्तरी गंगनहर पटरी से भेजा जा रहा था। शुक्रवार को लाहडपुर से होते हुए आगे भागूवाला की ओर जाने पर कोटद्वार वाली नहर पटरी पर पड़ने वाले यूपी के गुलालवाली गांव के नजदीक नहर का पुल भी दरक गया।
पतंजलि के पास नेशनल हाईवे का हिस्सा धंसा
पुल दरकने के बाद यूपी और उत्तराखंड के सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और पुलिस प्रशासन को रिपोर्ट दी कि इस पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही नहीं हो सकेगी।
श्यामपुर के थानाध्यक्ष प्रदीप मिश्रा ने बताया कि सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के आधार पर अब इस क्षेत्र से गुजरने वाले ट्रक, बस समेत अन्य भारी वाहन का आना जाना प्रतिबंधित कर दिया गया है। बिजनौर, नजीबाबाद, हल्द्वानी जाने वाले सभी भारी वाहनों और बसों को रुड़की होते हुए मुजफ्फरनगर से भेजा जा रहा है।
शहर और देहात में बारिश लोगों को राहत और आफत दोनों लेकर आई। बृहस्पतिवार रात से शुक्रवार दोपहर तक क्षेत्र में झमाझम बारिश के बाद जलभराव हो गया। शहर की सड़कें तालाब बनने से आवाजाही प्रभावित होती रही।
कालोनियों में पानी भरने से लोगों को मुश्किल का सामना करना पड़ा। ज्वालापुर में आकाशीय बिजली गिरने से कई इलाकों में बिजली गुल रही। देहात में फसलें जलमग्न हो गइ और बरसाती नदियों के उफान पर आने से कई गांवों का संपर्क घंटों कटा रहा। पंतजलि के पास हरिद्वार-दिल्ली हाईवे का एक हिस्सा धंसने से यातायात बाधित रहा।
ऊफान पर नाले
हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में बृहस्पतिवार रात से बारिश शुरू हो गई थी। रात को हुई बारिश से लोगाें को कई दिन से पड़ रही उमस से राहत मिली। रात को शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह भी जारी रही। लगातार बारिश के बाद दोपहर तक भेल, रानीपुर मोड़ और आसपास की सड़कों पर तीन से चार फीट तक पानी भर गया।
भगत सिंह चौक पर श्रीचंद्राचार्य चौक, पुराना रानीपुर मोड़ के अलावा आर्यनगर चौक, शंकर आश्रम, सिटी हॉस्पिटल मार्ग की सड़कें पानी से भरी रही। वाहन चालकों को सड़कों पर भारी दिक्कतें झेलनी पड़ी। चंद्राचार्य चौक रानीपुर रेलवे पुलिया के नीचे पानी भरने से वाहन फंस गए।
वहीं भारी बारिश से हरकी पौड़ी, अपर रोड और मोती बाजार की सड़कों पर सिल्ट आने से व्यापारियों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ी। शिवालिक की पहाड़ियों से मिट्टी आने से मोती बाजार की सड़कों पर दो-दो फीट कीचड़ जम गया।
इससे दुकानें भी देर से खुली। मेयर मनोज गर्ग ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम की टीम बाजारों में सिल्ट निकालती रही। दूसरी ओर बारिश से ज्वालापुर में भी काफी जलभराव रहा। कटहरा बाजार, झंडा चौक, पीठ बाजार के अलावा चौहानान मोहल्ला, गुरुद्वारा रोड आदि बाजार क्षेत्रों में जलभराव रहा। दोपहर तक दुकानें नहीं खुल पाई।