बेटियां अत्याचार सहन न करने का संकल्प लें। सरकार उनके अधिकारों के लिए क्या कर रही हैं, यह उन्हें मालूम होना चाहिए। यह बात शुक्रवार को राष्ट्रीय बालिका दिवस पर महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से सुभाष रोड स्थित सभागार में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि राज्यमंत्री रेखा आर्य ने कही। कार्यक्रम में प्रदेश की 307 मेधावी छात्राओं को स्मार्ट फोन देकर सम्मानित किया गया।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य ने कहा कि सरकार बेटियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है। इसके बावजूद समाज में बहुत सारी कुरीतियां हैं। बेटियां मां के गर्भ में होती हैं, तो उन्हें जन्म लेने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। समाज अच्छा है तो वह जन्म ले पाती हैं और बुरा है तो वह कन्या भ्रूण हत्या का शिकार हो जाती हैं।
दुर्भाग्य यह भी है कि इसमें कहीं न कहीं वे महिलाएं जिम्मेदार है। जिनसे पूछा जाता है कि उन्हें बेटा चाहिए या बेटी तो वह बेटा कहती हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों को समान अवसर देने के लिए कोई और परिवर्तन नहीं करेगा। बेटियों को खुद से इसमें बदलाव लाना होगा। समाज की मानसिक सोच में बदलाव लाना होगा। बेटा, बेटी में जो तुलना होती है उस दौर को खत्म करना होगा। मानसिक सोच में बदलाव से ही सही मायने में सामाजिक सुधार हो पाएगा। राज्यमंत्री ने बेटियों के लिए सरकार की ओर से चलाई जाने वाली योजनाओं की भी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बेटी पैदा होने पर सरकार की ओर से 11 हजार की धनराशि दी जा रही है। जबकि शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए इंटर पास करने पर उन्हें 51 हजार की धनराशि दी जा रही है। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण अभियान चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत पूरे देश में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इससे पूर्व छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। शिकायना के बेटी पर गीत की प्रस्तुति को खूब सराहा गया। कार्यक्रम में विधायक खजानदास, सचिव सौजन्या, निदेशक झरना कमठान, मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा पैन्युली, अखिलेश मिश्र, क्षमा बहुगुणा, अंजू डबराल, तरुणा चमोला, नीतू फुलारा आदि मौजूद रहे।
बालिकाओं को दिया गया आत्मरक्षा का प्रशिक्षण
देहरादून। समारोह के बाद 1500 बालिकाओं को आत्मरक्षा एवं जीवन के प्रत्येक मुकाम में सफलता को लेकर प्रशिक्षण दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर की ख्याति प्राप्त प्रशिक्षक अपर्णा रजावत ने बेटियों को भावनात्मक, वित्तीय, शारीरिक, मानसिक, डिजीटल और कानूनी पहलुओं की जानकारी दी। महिला सशक्तीकरण राज्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण दो दिन चलेगा।
इन जनपदों की बेटियों का हुआ सम्मान
देहरादून। अल्मोड़ा की 33, बागेश्वर की 15, चमोली की 27, चंपावत की 17, देहरादून की 20, हरिद्वार की 21, नैनीताल की 26, पौड़ी की 40, पिथौरागढ़ की 23, रुद्रप्रयाग की 16, टिहरी की 25, उत्तरकाशी की 22 और ऊधमसिंह नगर की 22 मेधावी छात्राओं को स्मार्ट फोन देकर सम्मानित किया गया।