स्वर्ण पद जीतने वाले को देंगे 12 लाख, आउट ऑफ टर्न जॉब भी
सवाल : राज्य के लिए पदकों की संख्या बढ़ाने या खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए क्या किया गया है?
जवाब: रजत जयंती वर्ष पर हमारे खिलाड़ी राज्य को प्रथम तालिका में लाकर सबसे बड़ा उपहार दे सकते हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में खेल विभाग लगातार खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन कर रहा है। इसके तहत स्वर्ण पदक के लिए इनाम की राशि छह लाख से बढ़ाकर 12 लाख की गई है। इसी तरह अन्य पदकों में भी इनाम की राशि दोगुनी कर दी गई है। इसके अलावा आउट ऑफ टर्न जॉब और चार फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की गई है।
राष्ट्रीय खेलों को लेकर अपार उत्साह, लोग स्वयंसेवक के तौर पर जुड़ रहे
सवाल: खेलों से आम लोगों को जोड़ने के लिए क्या कर रहे हैं
जवाब: मुख्यमंत्री धामी घोषणा कर चुके हैं कि राष्ट्रीय खेलों को जनउत्सव की तरह मनाया जाएगा, जिसमें हर राज्यवासी कि किसी न किसी रूप में भागीदारी रहेगी। इसके लिए खेलों के पांच प्रतीक लॉन्च करने के बाद गौलापार से मशाल यात्रा 13 जिलों के लिए निकाली गई है, जो अभी गतिमान है। लोग स्वयंसेवक के तौर पर भी खेलों से जुड़ रहे हैं।
उम्मीद पहले की है, शीर्ष पांच में तो आएंगे ही
सवाल: गोवा में वर्ष 2023 में हुए 37 वें राष्ट्रीय खेलों की पदक तालिका में हम मात्र तीन स्वर्ण पदक के साथ 25 वें स्थान पर थे, इस बार हम खेलों की मेजबानी कर रहे हैं, कौन सा स्थान रहेगा, कितनी उम्मीद है?
जवाब: मैं व्यक्तिगत रूप से कहूंगी की हम पहले स्थान पर आएं। इसके लिए विभाग और सरकार की ओर से खिलाड़ियों के लिए जो बेहतर हो सकता है वह किया जा रहा है ताकि वे उच्च स्तरीय मनोबल के साथ खेलें। हमारे खिलाड़ी अपने गृह क्षेत्र में खेलेंगे यह भी उनके लिए फायदेमंद होगा। गुजरात, गोवा या इससे पहले हुए राष्ट्रीय खेलों की बात करें तो उत्तराखंड में उस समय खेल केंद्र बिंदु में नहीं था। अब पीएम के मार्गदर्शन में खेल व खिलाड़ियों के मनोबल को जिस तरह से बढ़ाया गया है, उससे खेल केंद्र बिंदु में हैं। हमने संकल्प लिया है कि उत्तराखंड देवभूमि है, सैन्य भूमि है इसके साथ-साथ खेल भूमि के रूप में भी इसकी पहचान बने। इस बीज को रोपने का काम हम विभिन्न निर्णयों से देखते हैं। उम्मीद है हम पहले नंबर पर आएंगे या फिर पहले पांचवें नंबर पर रहेंगे यह मेरा विश्वास है।
कैंप लगाने का काम एसोसिएशन व फेडरेशन का होता है
सवाल: राष्ट्रीय खेलों का आवंटन काफी पहले होने के बाद भी तैयारियां अंतिम समय में चल रही हैं। खेल स्थलों पर कैंप न होने से राज्य के खिलाड़ियों को वह लाभ नहीं मिल पा रहा है जो मिलना था।
जवाब- मैं समझती हूं कि खेलों की तिथि घोषित होने के बाद 2024 से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। फिर राष्ट्रीय खेलों की तिथि 2025 में शिफ्ट हुई। तैयारियों को लेकर विभाग ने इसके बाद से कमर कस ली। सीएम धामी ने जब से प्रदेश को संभाला लगातार अवस्थापना विकास के काम किए जा रहे हैं। कुछ ऐसी चीजें हैं, जो उसी समय की जाती है। खिलाड़ी कौन होगा और किनके कैंप लगेंगे यह काम एसोसिएशनों और फेडरेशन का होता है। उन्हें इसमें समय लगा। फिर भी जिनमें विवाद नहीं थे उन खेलों के कैंप लगे।
22 जनवरी तक तैयार हो जाएगा सिंथेटिक ट्रैक
सवाल: राष्ट्रीय खेल शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं, एथलेटिक के लिए सिंथेटिक ट्रैक का काम चल रहा है। यदि गेम्स टेक्निकल कंडक्ट कमेटी इसमें कोई कमी निकाल दी तो वैकल्पिक व्यवस्था क्या होगी?
जवाब: देखिए सिंथेटिक ट्रैक का काम अंतिम चरण में है। एक कोटिंग और होनी है। 21 व 22 जनवरी तक इसका काम पूरा हो जाएगा। शत प्रतिशत इसी में इवेंट होंगे इसका आश्वासन देती हूं।