10 लाख रुपये का है एक टारगेट
इन टारगेट पर बुलेट लगने पर 100 फीसदी सटीक स्कोरिंग आती है, जिससे गलती की गुंजाइश नहीं होती और समय की बचत होती है। जर्मनी की संबंधित कंपनी इन्हें इंस्टॉल कर रही है। सिर्फ एक टारगेट की कीमत लगभग साढ़े पांच लाख है, उससे संबंधित प्रोग्राम, सॉफ्टवेयर और अन्य उपकरण मिलाकर लगभग 10 लाख का खर्च एक टारगेट पर आता है। इसके बाद खिलाड़ियों का अभ्यास अंतरराष्ट्रीय मानकों पर अधिक बेहतर होगा। आसपास के राज्यों के खिलाड़ी भी यहां प्रैक्टिस करने आएंगे।
लास्ट चैंपियनशिप के आधार पर टीमों का चयन
उधर, राष्ट्रीय खेलों में प्रतिभाग के लिए दो टीमों का चयन किया गया है। कोच अरुण ने बताया, उत्तराखंड स्टेट राइफल एसोसिएशन के सचिव और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता सुभाष राणा के नेतृत्व में राइफल और पिस्टल की टीम का चयन किया है। ये चयन हाल में नेशनल फेडरेशन की ओर से करवाई गई नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में श्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर किया गया। अभी शॉर्टगन टीम का चयन होना बाकी है, क्योंकि उसकी प्रतियोगिता जारी है। इसके अलावा केंद्रीय बलों के जवान, जो उत्तराखंड मूल के हैं या यहां नियुक्त हैं, उनमें से भी खिलाड़ियों का चयन किया गया है।