आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दौरे के दौरान सचिव और डीजी (साई) चतुर्वेदी ने कहा कि यह सुनिश्चित करना होगा कि राष्ट्रीय खेलों के बाद भी खेल अवस्थापनाओं की देखरेख बेहतर तरीके से हो। इसके लिए भविष्य में साई की मदद ली जा सकती है। केंद्र सरकार साई के जरिए सभी अवस्थापना की देखरेख कर सकती है। राज्य में साई के स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर पहले से संचालित हैं।
खेलों के बाद 100 करोड़ से ज्यादा के उपकरण और खेल स्थलों की देखरेख को लेकर राज्य सरकार पहले से फिक्रमंद है, जिसके चलते खेल मंत्री रेखा आर्या खुद कह चुकी हैं कि जिस तरह से राज्य ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शूटिंग रेंज, स्वीमिंग पूल, एथलेटिक्स ट्रेक, जिमनास्टिक, फेंसिंग आदि के लिए उपकरण व सुविधाएं जुटाई हैं, उनकी भविष्य में देखरेख के लिए खेल अकादमी बनाने पर विचार जारी है।
अभी तक साई की देखरेख को लेकर कोई स्पष्ट बात नहीं हुई है। खेलों के बाद अवस्थापनाओं की देखरेख को लेकर डीजी(साई) ने वार्ता के लिए जरूर बुलाया है।
- अमित सिन्हा, विशेष प्रमुख सचिव, खेल