मुंबई में रेलवे में कार्यरत है अंकिता
अंकिता ध्यानी को 2022 में रेलवे में खेल कोटे से नौकरी मिली। जो इस समय मुंबई में कार्यरत है। बैंगलुरु में उसने प्रशिक्षण लिया। वह बताती हैं कि उत्तराखंड में खेल कोटे से नौकरी के लिए उसने आवेदन नहीं किया। इस बारे में वह विचार करेंगी।
नौ मिनट 53.63 सेकंड में पूरी की रेस
उत्तराखंड की बेटी अंकिता ध्यानी ने नौ मिनट 53.63 सेकेंड में तीन हजार मीटर की रेस पूरी कर स्वर्ण पदक जीता। जबकि मध्य प्रदेश की मंजू यादव ने 10 मिनट 15.7 सेकेंड के समय के साथ रजत और यूपी की रबी पाल ने कांस्य पदक जीता।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने विजेताओं को पहनाए मेडल
खेल मंत्री रेखा आर्या ने 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में स्वर्ण पदक विजेता अंकिता ध्यानी और जूड़ों में स्वर्ण पदक जीतने वाले सिद्धार्थ रावत को मेडल पहनाए। मंत्री ने इन स्पर्धाओं में विजेता रहे अन्य खिलाडियों को भी सम्मानित किया। उन्होंने कहा, अंकिता से प्रदेश के लोगों को पहले ही गोल्ड की उम्मीद थी। मंत्री ने कहा, खिलाडियों ने इन खेलों में यह साबित कर दिया है कि अगर उन्हें सही सुविधाएं और प्रोत्साहन मिले तो वे कमाल कर सकते हैं। कहा, पदक तालिका में छठे या सातवें स्थान पर बने रहना हमारे लिए गौरव की बात है।