उत्तराखंड से चार बच्चों के नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए भेजे गए हैं। हाल ही में दो और बच्चों के नाम सामने आने से बच्चों की संख्या चार हो गई है।
इसमें रोबिन सिंह बिष्ट और नवीन सिंह रावत पौड़ी जिले से हैं। वहीं अर्जुन सिंह टिहरी, जबकि अभिषेक धीमान हरिद्वार जिले से हैं। कुमाऊं मंडल से एक भी बच्चे का आवेदन नहीं आया। उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद के संयुक्त सचिव कमलेश्वर प्रसाद भट्ट ने कहा कि 30 सितंबर चयनित बच्चों के नाम भेजने की अंतिम तिथि थी।
उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए प्रदेश भर से दो और बच्चों के नाम मिले हैं। परिषद के संयुक्त सचिव कमलेश्वर प्रसाद भट्ट ने कहा जनपदों से राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए जो नाम आए हैं, उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद उनकी जांच कराने के बाद उन्हें भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली को भेजती है।
इसके लिए अंतिम चयन भारतीय कल्याण परिषद की ओर से किया जाता है। परिषद के संयुक्त सचिव ने कहा कि इन बच्चों ने दूसरों की जान बचाकर उन्हें नई जिंदगी दी।
अब तक इन्हें मिला पुरस्कार
उत्तराखंड से अब तक वर्ष 2003 में टिहरी के हरीश राणा, 2004 में हरिद्वार की माजदा, 2007 में अल्मोड़ा की पूजा कांडपाल, 2010 में देहरादून के प्रियांशु जोशी और इसी जनपद की श्रुती लोधी, 2011 में रुद्रप्रयाग के स्वर्गीय कपिल नेगी, 2014 में चमोली की स्वर्गीय मोनिका व ऋषिकेश के लाभांशु को यह पुरस्कार मिल चुका है।
साहसिक कार्य को सराहा
परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुशील चंद्र डोभाल, उपाध्यक्ष डॉ. आईएस पाल व वरिष्ठ सदस्य कुसुम रानी नैथानी, परमवीर कैठत व जेपी सती इन बच्चों के साहसिक कार्य की सराहना की है।
बच्चों के नाम
पौड़ी गढ़वाल के ग्राम बीणा मल्ली निवासी रोबिन सिंह बिष्ट (17) चार मई 2015 को साथियों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। इस बीच झाड़ी में छिपे गुलदार ने साथी खिलाड़ी रोहन को झपट लिया। रोबिन ने साहस दिखाते हुए गुलदार पर विकेट और पत्थरों से हमला किया। इससे गुलदार भाग गया। गुलदार से संघर्ष में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस पर उसे 108 के माध्यम से अस्पताल ले जाया गया।
पौड़ी गढ़वाल के ग्राम ढिक्वाली निवासी नवीन सिंह रावत (18) ने पश्चिमी नयार नदी में बह रहे गांव के तेरह वर्षीय मोहित को बचाया। चार अगस्त 2015 को मोहित पांव फिसलने से नदी में बह गया था। नवीन ने साहस दिखाते हुए फौरन नदी में छलांग लगा दी और मोहित को सकुशल बचा लिया।
राजकीय इंटर कालेज मथकुड़ीसैंण टिहरी के छात्र अर्जुन (16) ने 16 जुलाई 2014 को उसकी मां पर झपटे गुलदार पर दरांती से वार कर उसे भागने पर मजबूर कर दिया। अर्जुन मालगांव पट्टी हिंदाव का रहने वाला है। परिषद की ओर से उसका नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 2015 के लिए भेजा गया है।
हरिद्वार निवासी अभिषेक धीमान (15) ने गरीब को मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया। जनपद के कुछ होटलों में इन बच्चों का प्रवेश नहीं मिल पा रहा था, उन्होंने अन्य बच्चों की तरह इन्हें होटलों में प्रवेश दिलाया। जिलाधिकारी हरिद्वार और एसपी की संस्तुति पर इसका नाम आगे भेजा गया है।