रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से रेपो रेट में 0.50 प्रतिशत की कमी से दून के रियलिटी सेक्टर में नई जान आने वाली है।
बीते छह माह से शहर का एक हजार करोड़ रुपए से अधिक का रियलिटी मार्केट ग्राहकों के इंतजार में बेदम हो रहा था। बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में भी होम लोन की मांग घट गई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक दिवाली के मौके पर आरबीआई का कदम नई ऊर्जा लेकर आएगा।
दून में इस वक्त राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर करीब 250 हाउसिंग प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इनमें बीते छह माह से ग्राहकों की भारी कमी देखने को मिल रही है। हालात यह हो गए हैं कि कई बड़ी कंपनियां अपने प्रोजेक्ट स्थानीय कारोबारियों को बेचकर जाने की तैयारी में हैं। न केवल टू व थ्री रूम सेट बल्कि वन रूम सेट वाले फ्लैटों को भी ग्राहक नहीं मिल रहे हैं।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक सहित सभी बड़े बैंकों में बीते छह माह में होम लोन की मांग कम हो गई है। उत्तरांचल बैंक इंप्लाइज यूनियन के महामंत्री जगमोहन मेंदीरत्ता के मुताबिक बैंकों में घर का सपना सजाने वाले ग्राहकों की संख्या कम हो रही है।
ब्याज दरें घटने के बाद नई राह तैयार होगी। ईएमआई कम होने से लोग बैंक से लोन लेने आएंगे। इससे रियलिटी सेक्टर में नई जान आने की संभावना है।
किस सेक्टर पर कितना होगा असर
बैंकिंग : लोन सस्ता होने से बैंकिंग और फाइनेंस कंपनियों को लाभ होगा।
रियलिटी : लगातार बेरुखी से जूझ रहे इस सेक्टर में बड़ा बूम आएगा।
ऑटो : ब्याज दरें कम होने का बड़ा फायदा दिवाली के साथ बोनांजा की तरह होगा।
हाउसिंग फाइनेंस : बिजनेस प्रॉफिटेबिलिटी में बढ़ोतरी होगी। 2022 तक बढ़ेगी ग्रोथ।
बीते कुछ महीनों से प्रॉपर्टी मार्केट में जो गिरावट आ रही थी, ब्याज दरें घटने के साथ ही निश्चित तौर पर उसमें उछाल आएगा। दून की प्रॉपर्टी मार्केट के लिए यह अच्छी खबर है।
- अमित, एआर प्रॉपर्टी
हाउसिंग प्रोजेक्ट की मार्केट में ब्याज दरों की गिरावट नई जान लेकर आएगी। निश्चित तौर पर यह दून की मार्केट के लिए अच्छी खबर है।
- प्रमोद रतूड़ी, बिल्डर