नासिक कुंभ मेले का आखिरी शाही स्नान आज (शुक्रवार) होने जा रहा है। गोदावरी के कई घाटों पर श्रद्धालु और कुशावर्त में दस अखाड़े स्नान करेंगे। अखाड़ों का स्नान तड़के चार बजे से प्रारंभ होगा और दोपहर एक बजे तक चलता रहेगा।
संन्यासी अखाड़ों का महानिर्वाणी अखाड़ा तीसरे स्नान में सबसे आगे रहेगा। पहले दो स्नानों में क्रमश: निरंजनी और जूना आगे रह चुके हैं। महानिर्वाणी के बाद अटल, जूना, अग्नि, आवाहन, निरंजनी और आनंद अखाड़े चलेंगे।
बड़ा अखाड़ा उदासीन और नया अखाड़ा उदासीन के संत संन्यासियों के बाद स्नान करेंगे। आखिरी स्नान निर्मल अखाड़ा के सिख साधु करेंगे। इस शाही स्नान में तीनों वैष्णव अणियां भाग नहीं लेती। वैष्णव साधुओं का कुंभ पहले ही संपन्न हो चुका है।
त्र्यंबके श्वर मेला प्रशासन ने आखिरी स्नान के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि ने दूरभाष पर बताया कि गुरुवार की आधी रात से संतों की जमातें सड़कों पर आ जाएंगी।
आखिरी स्नान में चूंकि लाखों नागा संन्यासी डुबकी लगाएंगे अत: नागाओं की भीड़ सर्वाधिक रहेगी। शाही यात्रा में कई रथ, हाथी, ऊंट और घोड़े भी शामिल होंगे। इस शाही स्नान के बाद नासिक कुंभ संपन्न हो जाएगा। साधु-संतों की वापसी 27 सितंबर को कढ़ी-पकौड़ा के साथ शुरू होगी।