देहरादून नारी निकेतन में दरिंदगी का शिकार हुई संवासिनी कौन है? कहां से आई है? कोई नहीं जानता।
नारी निकेतन में उसका कोई रिकार्ड भी नहीं है। न ही उसकी कहानी जानने के लिए किसी ने प्रयास किये। साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट के सहारे इशारों में उसके दिल का गुब्बार बाहर निकल कर आया है। अपनी जिंदगी के दर्द के साथ वहशियों के चेहरे बेनकाब किए।
कुदरत के साथ वह अपनों की भी मार झेलती रही है, जिस पर विश्वास किया, उसे दगाबाजी के अलावा कुछ नहीं मिला। तीन बच्चों की मां मूक बधिर को जीवन साथी ने ऐसा छोड़ा कि कभी मुड़कर नहीं देखा। नारी निकेतन में पांच साल से मासूम बच्ची के साथ जीवन काट रही संवासिनी सब कुछ होते हुए भी लावारिस है।
कुदरत ने उसके हिस्से में खुशी कम, गम ज्यादा दिए हैं। होश संभाला तो कुछ कहने-सुनने के कुदरत की नेमत से वंचित थी। इस बीच जीवन साथी मिला तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। एक-एक कर वह तीन बच्चों की मां बन गई। लेकिन साल 2010 में उसकी जिंदगी में तूफान आ गया।
पति दो बच्चों को लेकर गायब हो गया, जबकि गोद की बच्ची उसके हिस्से में आई। अक्तूबर 2010 में नारी निकेतन में केवल उसकी एंट्री का ही रिकार्ड है। वह कौन है और कहां से आई, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। पति न तो खुद आया और न कभी बच्चों को उसकी मां से मिलाने की कोशिश की।
नारी निकेतन को ही घर मानकर संवासिनी ने बच्ची के साथ नई जिंदगी की शुरूआत की। लेकिन नारी निकेतन में भी उसे दगाबाजी का दंश झेलना पड़ा। यहां कुछ समय उसे अपनत्व की छाया मिली, लेकिन आरोपियों ने उसकी इज्जत के रूप में कीमत भी वसूल ली।
जबकि केयर टेकर को वह सबसे अच्छा मानती थी। रेप और गर्भपात के बाद पुलिस अभिरक्षा में साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट के जरिये ही संवासिनी ने अपने जीवन के दर्द को साझा किया। तब जाकर पता चला कि वह तीन बच्चों की मां है। मातृत्व प्रेम में ही संवासिनी ने गर्भपात कराने के संबंध में नारी निकेतन के प्रति अपना आक्रोश उगला था।
इशारों में बताया रेप और गर्भपात का घटनास्थल
संवासिनी के साथ दुराचार और गर्भपात की करतूत नारी निकेतन की चहारदीवारी में ही हुई थी। पीड़िता ने बुधवार को पुलिस टीम के सामने इशारों में रेप और गर्भपात के घटनास्थल को बताया है। उस स्थान को भी देखा गया, जहां भ्रूण को दबाया गया था। पुलिस दूधली गांव के जंगल में गई, जहां से भ्रूण बरामद हुआ था। नारी निकेतन की संवासिनियों से भी घटनाक्रम को लेकर काफी देर तक पूछताछ होती रही।
एसपी सिटी अजय सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम और विवेचक कविता जोशी बुधवार को नारी निकेतन पहुंची। विवेचक ने पीड़ित को बुलाकर दोनों घटनास्थलों को लेकर चर्चा की। पीड़िता ने घूमकर दोनों स्थानों के बारे में जानकारी दी, जहां दुराचार और गर्भपात कराया गया था। विवेचक ने दोनों घटनास्थलों का निरीक्षण किया।
वह स्थान भी चिह्नित हुआ, जहां पहली बार भ्रूण दबाया गया था। दस के करीब संवासिनियों से भी घटनाक्रम के संबंध में पूछताछ की गई है। उनसे पूछा गया कि उन्हें किसी तरह से प्रताड़ित तो नहीं किया जा रहा? नारी निकेतन से तमाम कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद टीम दूधली गांव के जंगल में गई, जहां से संवासिनी का भ्रूण मिला था।
पहले साबित करना होगा कि संवासिनी का है बरामद भ्रूण
दूधली के जंगल से बरामद हुआ भ्रूण पीड़ित संवासिनी का ही था, डीएनए मिलान में इसकी पुष्टि के बाद ही पुलिस दोनों आरोपियों के सैंपल मिलान की कार्रवाई करेगी। कोर्ट के आदेश पर सैंपल मिलान के लिए बुधवार को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया है। एक सप्ताह में रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
नारी निकेतन मामले के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। पुलिस ने दूधली के जंगल से एक आरोपी की निशानदेही पर संवासिनी का भ्रूण बरामद किया था, लेकिन वैज्ञानिक आधार पर इसकी पुष्टि जरूरी है। मंगलवार को पीड़िता का सैंपल ले लिया गया था।
बुधवार को कोर्ट के आदेश पर सैंपल को मिलान के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया गया। एसपी सिटी अजय सिंह का कहना है कि डीएनए मिलान में भ्रूण पीड़ित संवासिनी का था, इसकी पुष्टि होने के बाद आरोपियों के सैंपल को मिलान के लिए भेजा जाएगा।
ढूंढे जा रहे है साजिशकर्ता
नारी निकेतन मामले के साजिशकर्ताओं को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसएसपी ने निर्देश दिए कि दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई पूरी कर ली जाए। अधिकतर आरोपियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ लिखापढ़ी पूरी कर ली गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद दाते ने बुधवार को बैठक कर मामले की समीक्षा की। विवेचक द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की गई। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने कवायद शुरू कर दी है।
नारी निकेतन प्रकरण में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- डॉ. सदानंद दाते, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक