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खुशखबरी: नारी निकेतन के बालिग बच्चों को सरकारी नौकरियों में मिलेगा आरक्षण

Sat, 30 Jun 2018 09:15 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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nari niketan
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नारी निकेतन और बाल निकेतन के बालिग बच्चों को जल्द ही सरकारी नौकरियों में आरक्षण की सुविधा मिल सकती है। इस बाबत महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य की ओर से कैबिनेट को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

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यह फैसला विभागीय समीक्षा बैठक दौरान मंत्री ने लिया। उन्होंने बच्चे गोद देने वाली संस्थाओं के कार्यक्रमों और योजनाओं की जांच करने के आदेश दिए हैं। खासतौर पर पूर्व में विदेशियों द्वारा गोद लिए जाने वाले बच्चों का वर्तमान स्थिति भी पता करने के निर्देश राज्यमंत्री ने दिए हैं। उन्होंने लावारिस बच्चों की देखभाल करने वाली संस्थाओं के परिसरों में दिन-रात का दृश्य कवर करने वाले मूविंग सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं।

महिला कल्याण एवं बाल विकास, मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्या की अध्यक्षता में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग, महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की शुक्रवार को समीक्षा की गई।

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विभागीय एप एवं वेबसाइट तैयार कर योजनाओं को व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश

rekha arya
रेखा आर्य ने बाल निकेतन और नारी निकेतन में अट्ठारह वर्ष की उम्र पूरी कर चुके बच्चों को रखने के इंतजामों के बारे में पूछा तो इस बाबत सटीक जवाब अफसर नहीं दे सके। इस पर तय हुआ कि इन बालिग बच्चों के पुनर्वास के लिए उन्हें उनकी मर्जी के मुताबिक प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा।

सरकारी नौकरी में आरक्षण दिए जाने के लिए कैबिनेट को प्रस्ताव भेजा जाएगा। मंत्री ने महिला कल्याण एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों द्वारा जनपद स्तर पर संचालित कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने महिला हेल्पलाइन 1098 तथा 181 के साथ ही विभागीय एप एवं वेबसाइट तैयार कर योजनाओं को व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।

महिलाओं से जुड़े दिवसों में फैलाएं जागरुकता
मंत्री रेखा आर्य ने बैठक में निर्देश दिए कि महिला कल्याण के अंतर्गत मदर्स-डे, बालिका दिवस, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समेत अन्य महत्वपूर्णों दिवसों पर महिला कल्याण से संबंधित योजनाओं को प्रचारित प्रसारित कर जागरुकता फैलाई जाए। उन्होंने बैठक में आए जनपदों के प्रोबेशन अधिकारियों से कहा कि यह विभाग सीधे-सीधे समाज से जुड़ा हुआ है तथा महिलाओं एवं बालिकाओं की सेवा कर एवं शिकायतों का निस्तारण करने की आवश्यकता है। बैठक में उन्होंने निराश्रित विधवा पेंशन एवं भरण पोषण अनुदान, परित्यक्त विवाहित महिला, निराश्रित महिला, मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्तियों की पत्नी एवं निराश्रित अविवाहित महिलाओं को भरण पोषण अनुदान के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बाल कल्याण समिति एवं जेजे बोर्ड की त्रैमासिक बैठकों को आयोजित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
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