एलईडी (प्रकाश उत्सर्जक डायोड) बल्ब को प्रकाश पथ बनाने की मुहिम दिल्ली में भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच जनवरी को शुरू की हो, लेकिन उत्तराखंड में तीन साल पहले ही इसकी शुरुआत हो गई थी। पहले आईआईटी रुड़की में और बाद में प्रदेश के दो गांव एलईडी से रोशन हुए।
एलईडी से रोशन है रसूलपुर गांव
उत्तराखंड के दो गांव हरिद्वार के रसूलपुर और नैनीताल के रामगढ़ आज एलईडी बल्ब से रोशन हो रहे हैं। उरेडा की पहल और ग्रामीणों की उत्साह के बदौलत एलईडी से न सिर्फ इनके पैसे बच रहे हैं, बल्कि प्रदेश की बिजली भी बच रही है।
भारत सरकार के ऊर्जा कार्य कुशलता ब्यूरो कार्यक्रम के तहत हरिद्वार की रसूलपुर मीठीबेरी ग्राम पंचायत का एलईडी श्रेणी में सितंबर 2013 को चयन किया गया था। योजना के तहत अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण (उरेडा) की ओर से गांव के हर घर में पुराने बल्ब को बदलकर 12 वाट की एलईडी लगाई गई।