अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेडिसन स्क्वायर गार्डन पर परदेसियों को लुभाने के लिए की गई वीजा ऑन अराइवल (वीओए) घोषणा अमली जामा पहन लेती है तो इससे उत्तराखंड पर खासा असर पड़ेगा।
जी हां, इससे उत्तराखंड पहुंचने वाले 5 हजार से अधिक अमेरिकी पर्यटकों को लाभ पहुंचेगा। यह वीजा 30 दिन के लिए दिए जाने की योजना पर चार साल से कवायद चल रही है। इससे यहां मित्रों से मिलने, घूमने, साइट सीइंग या किसी अन्य कार्य से आने वाले पर्यटकों को फायदा होगा।
पर्यटन विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक हिंदुस्तान में हर साल 10 लाख के आस-पास यूएस पर्यटक पहुंचते हैं, जिनमें से तकरीबन 5 हजार के तकरीबन उत्तराखंड आते हैं।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी योगेश सिंह गंगवार के मुताबिक अगर मोटा-मोटा अनुमान लगाया जाए और कुल विदेशी नागरिकों की बात की जाए तो 25 हजार से अधिक विदेशी नागरिक तो हर साल सिर्फ हरिद्वार में कदम धरते हैं।
यूएसए में रह रहीं किरण इस घोषणा को बेहतर कदम बताती हैं। उनके मुताबिक इससे अमेरिकी नागरिकता ग्रहण कर चुके भारतीय मूल के निवासियों को बहुत सुविधा होगी।
अभी इन 11 जगहों के नागरिकों को यह सुविधा
जापान, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, कंबोडिया, फिनलैंड, वियतनाम, फिलीपींस, लाओस, म्यांमार, इंडोनेशिया, साउथ कोरिया
एनआरआई को मिलेगा मशक्कत से छुटकारा
मेडिसन स्क्वायर गार्डन पर मोदी की ट्रेवल, वीजा नियमों में ढील दिए जाने, भारतीय मूल के नागरिकों के लिए लाइफ टाइम वीजा की घोषणाओं को एनआरआई बेहतर मानते हैं। लंदन में रह रहीं डा. अनुपमा के अनुसार इससे वीजा के लिए होने वाली मशक्कत से छुटकारा मिल जाएगा।
अभी यह है पुलिस स्टेशन रिपोर्ट की बाध्यता
लंबी अवधि के लिए हिंदुस्तान में रह रहे भारतीय मूल के नागरिकों के लिए स्थानीय पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने की बाध्यता समाप्त करने की भी बात मोदी ने कही।
एलआईयू सूत्रों के अनुसार अभी पाकिस्तान से आने वालों को 24 घंटे, जबकि अन्य देशों के नागरिकों को 14 दिन में करनी होती है पुलिस स्टेशन में रिपोर्टिंग करनी पड़ती है।