उत्तराखंड के नैनीताल जिले से लगे पाटी विकासखंड के देवीधुरा में स्थित मां बाराही धाम अटूट आस्था का केंद्र है।
आषाढ़ी सावन शुक्ल पक्ष में यहां गहड़वाल, चम्याल, वालिक और लमगड़िया खामों के बीच बग्वाल (पत्थरमार युद्ध) होती है। यहां पर देवी को खुले नेत्रों से नहीं देखने की परंपरा है।
मान्यता है कि खुली आंखों से देखने वाला अंधा हो जाता है। इसी कारण देवी की मूर्ति को ताम्रपेटिका में रखा जाता है।
सिर्फ वार्षिक पूजा के मौके पर देवी का पूजन और श्रृंगार भी आंखों में काली पट्टी बांधकर किया जाता है। 12वीं सदी में स्थापित इस मंदिर में चैत्रीय तथा अश्विन नवरात्रों में देवी के उपासकों की भारी भीड़ उमड़ती है।