कब-कब हुई आपदा
वर्ष 2013- जून माह में दो लोग नंदाकिनी में बह गए थे। नंदानगर पुराना बाजार तहस-नहस हो गया था। कुमारतोली में आवासीय मकान जलमग्न हो गए थे।
वर्ष 2015- नंदाकिनी के कटाव से नंदानगर बाजार में दो दुकानें बह गई थी। नदी का जलस्तर बढ़ने से अफरा-तफरी का माहौल रहा।
2019- नंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने से कुमारतोली गांव में दो आवायी मकान क्षतिग्रस्त हुए थे। कई मकान जलमग्न हुए थे।
2022- नंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने से व्यवसायी अपनी दुकानों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे। कुमारताली गांव को भी खाली करवाया गया।
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धराली की आपदा से लोगों की चिंताएं बढ़ी
गोपेश्वर। धराली की आपदा ने नंदानगर क्षेत्र के लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। नंदाकिनी के इर्दगिर्द आवासीय भवन, शिक्षण संस्थान और सरकारी प्रतिष्ठान मौजूद हैं। इनमें कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, विद्युत सब स्टेशन, राइंका नंदानगर, सरस्वती विद्या मंदिर, खंड विकास कार्यालय, बीईओ कार्यालय, नगर पंचायत कार्यालय शामिल हैं। इसके अलावा कुमारतोली गांव भी नदी किनारे स्थित है। यहां लगभग 13 परिवार अनुसूचित जनजाति और कुछ परिवार अनुसूचित जाति के निवास करते हैं।