वहीं, चमोली के घाट में शनिवार रात को भारी बारिश के दौरान सुतोल गांव के समीप बुग्यालों में बादल फटने से नंदाकिनी का जलस्तर बढ़ गय। पुलिस और तहसील प्रशासन ने बाजार के सालुबगड़ से संगम स्थल, पुराना बाजार और कुमारतोली में लाउडस्पीकर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने और भारी बारिश को देखते हुए अलर्ट रहने की अपील की। नंदाकिनी और चुफलागाड के किनारे के मकानों में निवास कर रहे करीब 27 परिवारों ने मकाल छोड़कर सुरक्षित स्थानों में शरण ली। रात दो बजे नदी का जलस्तर कम होने के बाद लोग घरों में लौटे।
विकास खंड के नंदाक पट्टी के ग्राम पंचायत फाली, कुंतरी, घिंघराण, गरणी, बांजबगड़, भेंटी, लांखी, सरपाणी और सेंती गांव में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लांखी गांव के एनोलीधार में खिलाफ सिंह बिष्ट, अशोक बिष्ट और मनोज बिष्ट के मकान में मलबा घुस गया। गरणी तोक में रणजीत सिंह फरस्वाण का मकान टूट गया। चुफलागाड़ के कटाव से दस मकान खतरे की जद में आ गए। भटियाणा गांव के समीप भी भूस्खलन सक्रिय हो गया है।
गांव के फते सिंह नेगी का मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया। बांजबगड़ के कठूड़ा तोक में शंभू प्रसाद मैंदोली का मकान टूट गया। सैंती गांव के भेंसोड़ा तोक में विजय प्रसाद जोशी का मकान व भवानी दत्त की गोशाला टूट गई। सरपाणी गांव को भी भूधंसाव से खतरा उत्पन्न हो गया है। स्यांरी गांव को जाने वाला पैदल रास्ता जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। घाट-स्यांरी-बंगाली सड़क अवरुद्ध हो गई। तहसीलदार सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण के बाद रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाएगी।