रिमझिम फुहारों के बीच सोमवार को दिन में तीन बजे मां नंदा की राजजात अपने तीसरे निर्जन पड़ाव पर पातरनचौण्यां पहुंची। मां नंदा के साथ करीब डेढ़ हजार यात्री भी पहुंचे।
बताया गया है कि इनके अलावा करीब साढे़ तीन हजार यात्री पहले ही अगले पड़ाव शिलासमुद्र तक पहुंच चुके हैं। हालांकि, राजजात समिति ने यात्रियों की संख्या कहीं ज्यादा बताई है।
बेदनी से आगे नौ किमी की खड़ी चढ़ाई पर पातरनचौण्यां स्थित है। यहां से 31 किमी की दूरी पर होमकुंड है, जहां से मां नंदा को उनकी ससुराल कैलास के लिए विदाकर यात्री लौट आएंगे।
मां नंदा की डोली ने दोपहर 12 बजे बेदनी से पातरनचौण्यां के लिए प्रस्थान किया। इस दौरान बेदनी से ऊपर बारिश शुरू हो गई थी, जिससे क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है। पातरनचौण्यां में अभी तापमान 04 से 08 डिग्री सेल्सियस तक है।
स्वास्थ्य कारणों से लौटे अध्यक्ष और महामंत्री
यहां रुकने के लिए कई यात्रियों ने खुद ही टेंट लगाए। बेदनी से वापस लौटे राजजात समिति के महामंत्री भुवन नौटियाल ने वाण में बताया कि सुबह से दोपहर देवी के प्रस्थान करने तक 10 हजार लोग आगे के पड़ावों के लिए निकल चुके थे। सुबह से कोहरा छाया हुआ था। दोपहर में कुछ देर के लिए आसमान साफ हुआ, लेकिन इसके बाद फिर तेज बारिश शुरू हो गई।
पातरनचौण्यां नंदा राजजात समिति के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुंवर और महामंत्री भुवन नौटियाल स्वास्थ्य कारणों से बेदनी से आगे नहीं जा सके। दोनों पदाधिकारी यात्रा को पातरनचौण्यां के लिए विदा करने के बाद वाण लौट गए। बेदनी से आगे जाने के लिए सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
स्वास्थ्य परीक्षण में समिति अध्यक्ष और महामंत्री के ब्लडप्रेशर हाई पाए जाने पर उन्हें यात्रा में आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई। अब तीन सितंबर को होमकुंड में श्रीनंदा राजजात की मुख्य पूजा कुंवर तिजेंद्र सिंह के हाथों होगी। इस मौके पर नौटियाल के बड़े पुत्र अतुल नौटियाल भी शामिल होंगे।
गौचर में इंतजार के बाद दून लौटे सीएम
राजजात यात्रा के दर्शनों के लिए बेदनी जाने के लिए यहां पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत को 45 मिनट इंतजार के बाद देहरादून लौटना पड़ा। इस दौरान आईटीबीपी कैंप में उन्होंने रुद्रप्रयाग के डीएम से आपदा पुनर्निर्माण कार्यो की जानकारी ली।
सोमवार को मुख्यमंत्री स्टेट हेलीकॉप्टर से सुबह सवा 10 बजे गौचर आईटीबीपी कैंप पहुंचे, लेकिन मौसम खराब होने से हेलीकॉप्टर बेदनी के लिए उड़ान नहीं भर पाया। मुख्यमंत्री 11 बजे हेलीकॉप्टर से देहरादून लौट गए। मुख्यमंत्री के साथ मंत्री यशपाल आर्य और इंदिरा हृदयेश भी बेदनी जाने वाले थे।
इनके अलावा श्रीनंदा राजजात में शामिल होने के लिए गौचर आईटीबीपी कैंप पहुंचे फिल्म अभिनेता विवेक ओबराय को भी सोमवार को मौसम खराब के चलते देहरादून लौटना पड़ा। विवेक नंदा के दर्शनों के लिए बेदनी जाने के इच्छुक थे।