केंद्र सरकार ने बेहतर काम करने वाली पंचायतों के लिए पुरस्कार घोषित कर दिए हैं। नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार इस बार प्रदेश में उत्तरकाशी की दीयादी ग्राम पंचायत को दिया गया है। जिला पंचायतों में इस बार बाजी पिथौरागढ़ के हाथ लगी है।
केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश स्तर पर पंचायतों को हर साल पुरस्कृत किया जाता है। इस बार के पुरस्कारों में देहरादून और पिथौरागढ़ का ही दबदबा रहा है। बाल विकास के लिए बेहतर काम करने के लिए बालमित्र के रूप में देहरादून की बादामावाला ग्राम पंचायत को चुना गया है। ग्राम पंचायत विकास पुरस्कार भी देहरादून की एक ग्राम पंचायत को दिया गया है।
परंपरा के मुताबिक हर साल चुनी गई पंचायतों को दिल्ली में राष्ट्रीय पंचायत दिवस पर पुरस्कृत किया जाता रहा है। पिछली बार केंद्र सरकार ने कोरोना के कारण यह समारोह टाल दिया था। इसकी जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामित्व कार्ड योजना जारी की थी। इस बार भी हालात को देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार भी शायद ही यह समारोह होगा। ऐसे में प्रदेश सरकार अपने स्तर पर राज्य में यह समारोह कर सकती है।
पंचायत सचिव हरि चंद्र सेमवाल के मुताबिक पुरस्कारों के लिए इस बार पंचायतों को कड़ी प्रतिस्पर्धा से भी गुजरना पड़ा। अलग-अलग वर्गों में करीब आठ जिला पंचायतों, दो दर्जन से अधिक क्षेत्र पंचायतों और 150 से अधिक ग्राम पंचायतों ने आवेदन किया था। इन्हीं से पुरस्कारों के लिए केंद्र सरकार ने नाम छांटे थे। पुरस्कार के लिए पंचायतों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है और केंद्र सरकार ही अपने स्तर पर दावे का परीक्षण करती है।
किसको क्या पुरस्कार मिला
1. दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार
पिथौरागढ़ जिला पंचायत - पुरस्कार राशि 50 लाख रुपये
द्वारीखाल क्षेत्र पंचायत पौड़ी, जखोली क्षेत्र पंचायत रुद्रप्रयाग - पुरस्कार राशि - 25 लाख
सिमलास ग्रांट ग्राम पंचायत-डोईवाला देहरादून, ग्राम पंचायत माथ-पुरोला उत्तरकाशी, देवजानी ग्राम पंचायत-मोरी उत्तरकाशी, पुरोहितवाल ग्राम पंचायत-सहसपुर देहरादून।
2. नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार
दीयादी ग्राम पंचायत- नौगांव विकासखंड, उत्तरकाशी
3. ग्राम पंचायत विकास पुरस्कार
ग्राम पंचायत अटकफार्म, सहसपुर, देहरादून
4. बालमित्र ग्राम पंचायत पुरस्कार
-बादामावाला ग्राम पंचायत, विकासनगर, देहरादून