मैट्रो सिटी दिल्ली, बंगलौर, गुजरात की तर्ज पर बहुत जल्द सरोवर नगरी की पेयजल व्यवस्था को सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन (स्काडा) सिस्टम से जोड़ा जाएगा। नैनीताल इस योजना को संचालित करने वाला प्रदेश का पहला नगर होगा। दावा यह भी है कि सिस्टम लगने के बाद शहर के लोगों को 24 घंटे पानी मिलेगा।
स्काडा सिस्टम से नगर की पेयजल लाईनों को जोड़ने के लिए उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी डीपीआर तैयार कर शासन को भेजने की तैयारी कर रहा है। आने वाले 30 साल बाद तक नगर की जनसंख्या को ध्यान में रख कर इस प्रोजेक्ट को बनाया गया है। इसमें अनुमानित 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके बाद पेयजल वितरण की ऑटोमेटिक निगरानी हो पाएगी। इससे पल भर में नगर के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही पानी सप्लाई की जानकारी के साथ ही लाइनों के फाल्ट और कहां पानी नही पहुंच पा रहा है उसका पता लगेगा।
स्काडा सिस्टम से जोड़ने के लिए पहले चरण में रामनगर, हल्द्वानी, कोटद्वार, हरिद्वार और रुड़की को भी शामिल किया गया है। इनमें से नैनीताल और देहरादून को प्राथमिकता में रखा गया है। यह एडीबी से वित्त पोषित प्रोजेक्ट है। इस सिस्टम के लगने के बाद जहां पानी की बर्बादी रुकेगी ।
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मयंक अग्रवाल (वेस्ट वाटर एक्सपर्ट टाटा कंसंल्टिंग इंजीनियर्स बंगलौर)