हाईकोर्ट ने देहरादून के राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (एनआईईवीपीडी, पूर्व में एनआईवीएच) में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद केंद्र और एनआईईवीपीडी को एक सप्ताह के भीतर शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए एनआईईवीपीडी की पूर्व वाइस प्रिंसिपल अनुसुइया शर्मा की ओर से रिपोर्ट पेश न करने पर नाराजगी व्यक्त की। कोर्ट ने एनआईवीएच परिसर में बनी मस्जिद में आम लोगों की आवाजाही के कारण दृष्टि बाधित छात्रों की सुरक्षा का सवाल उठाया और एनआईईवीपीडी तथा सरकार से जवाब मांगा।
पूर्व में हाईकोर्ट ने एनआईईवीपीडी में छात्राओं से छेड़छाड़ के मामले का स्वत: संज्ञान लेकर संगीत शिक्षक को तत्काल निलंबित कर प्राथमिकी दर्ज करने, सात दिन में संस्थान में स्थायी निदेशक की नियुक्ति करने और एनआईईवीपीडी में सीसीटीवी और लाइट की व्यवस्था के लिए जेनरेटर की व्यवस्था करने, दो महिला सिपाही को तैनात करने का का निर्देश दिया था।