हाईकोर्ट ने अमर उजाला में धुमाकोट बस हादसे में प्रकाशित बस दुर्घटना के समाचार का उल्लेख करते हुए ओवरलोडिंग के मामले में विभिन्न दिशा निर्देश जारी किए हैं।
जस्टिस राजीव शर्मा ने परिवहन सचिव और परिवहन आयुक्त को छह जुलाई को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब किया है। इनसे पूछा गया है कि पूर्व में ओवरलोडिंग रोकने पर दिए गए कोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया।
कोर्ट ने ओवरलोडिंग तत्काल रोकने के निर्देश देते हुए प्रदेश की हर बार एसोसिएशन के सदस्यों से कहा है कि वे इस पर नजर रखें। कोर्ट ने संविदा पर तैनात चालकों और परिचालकों की सेवा नियमावली नियमित कर्मियों की भांति किए जाने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने बसों को केवल निर्धारित ढाबों पर ही रोकने, रोडवेज और निजी बस चालकों की आंखों की 15 दिन के भीतर जांच कराने, सीएमओ को रात्रि में चालकों के शराब पिए होने की जांच को विशेष दस्ते गठित करने के निर्देश दिए हैं।