डीएफओ पर गिर सकती है गाज
हाईकोर्ट ने वर्ष 2013 में एक मामले में रेंजों का चार्ज के वनक्षेत्राधिकारियों को ही देने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद कई प्रभागीय वनाधिकारियों ने डिप्टी रेंजराें को रेंज का जार्च सौंप दिया। 26 अप्रैल को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने ऐसे अधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके बाद हॉफ की ओर से दो सदस्य कमेटी बनाकर जांच के निर्देश दिए गए हैं। इस कमेटी में पीसीसीएफ डॉ. धनंजय मोहन और एपीसीसीएफ बीबी गुप्ता शामिल हैं, जिन्हें 14 दिन में अपनी रिपोर्ट देनी थी।
15 जून को पता चलेगी अब तक की कार्रवाई
इस मामले में पूर्व में हाईकोर्ट में उपस्थिति हुए तत्कालीन हॉफ विनोद कुमार सिंघल अब रिटायर हो चुके हैं। नए हॉफ पीसीसीएफ अनूप मलिक को 15 जून को हाईकोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बताना है कि इस संबंध में वन विभाग ने अब तक क्या-क्या कार्रवाई की है।
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खाली हैं 24 रेंज, दूसरे रेंजरों को चार्ज
डिप्टी रेंजरो से चार्ज वापस लेने के बाद 35 क्षेत्रीय रेंज खाली हो गई थीं। इनमें से 11 रेंजरों को तैनाती दे दी गई है, जबकि अभी भी 24 रेंज खाली हैं। इन्हें दूसरे रेंजरों को एडिशनल चार्ज पर दिया गया है।