राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) उत्तराखंड के स्थायी परिसर के निर्माण में हो रही देरी और शिफ्टिंग की चर्चाओं से स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। देर शाम स्थानीय निवासियों और छात्रों ने मशाल जुलूस निकालकर सरकार और एनआईटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। दूसरी ओर से प्रजम ने 21 नवंबर बैकुंठ मेले के दिन श्रीनगर बंद की चेतावनी दी।
एनआईटी का आंदोलन लड़ रहे स्थानीय लोग और छात्र शुक्रवार शाम संयुक्त अस्पताल के समीप एकत्रित हुए। यहां से प्रगतिशील जनमंच के बैनर तले उन्होंने बाजार के मुख्य मार्गों से होते हुए गोला पार्क तक मशाल जुलूस निकाला। इसके बाद यहां गोला पार्क में सरकार और एनआईटी की कार्यप्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि एक ओर पहाड़ के विकास के दावे किए जा रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर एनआईटी जैसे संस्थानों को मैदानी क्षेत्रों में ले जाने की साजिश चल रही है। इससे पूर्व श्रीनगर से एसएसबी अकादमी शिफ्ट कर दी गई। उन्होंने कहा कि अब लड़ाई पहाड़ बनाम मैदान की हो गई है। पहाड़ के हित के लिए प्रचंड आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सरकारों की असफलता है, कि नौ साल बाद भी स्थायी कैंपस के लिए जमीन नहीं ढूंढी जा सकी। उन्होंने एनआईटी के छात्रों के रवैये पर भी आक्रोश जताया। दूसरी ओर एनआईटी का निर्माण और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए प्रगतिशील जनमंच ने 21 नवंबर को श्रीनगर बंद की चेतावनी दी है। \