हाईकोर्ट ने नैनीताल स्थित बलियानाला में हो रहे भूस्खलन के उपचार के लिए सरकार को हाई पावर कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि 12 अक्टूबर तक स्थलीय निरीक्षण कर इस भूस्खलन की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
27 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी। कोर्ट ने वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी , एफआरआई देहरादून , चीफ इंजीनियर लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग व आईआईटी रुड़की को पक्षकार बनाया है।
पूर्व बार अध्यक्ष सैय्यद नदीम खुर्शीद की जनहित याचिका पर बुधवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ ने सुनवाई की। याची के मुताबिक नैनीताल जिले में भवाली रोड पर बलियानाला में लगतार भूस्खलन हो रहा है।
वर्ष 1973 से यहां पर लगातार भूस्खलन हो रहा है। इस भूस्खलन के उपचार के लिए सरकार ने कई बार वित्तीय सहायता भी जारी की। प्रशासन ने विशेषज्ञों के सुझाव के आधार पर कार्य नहीं किया। भूस्खलन से नैनीताल को भी खतरा है।