हाईकोर्ट ने रुड़की नगर निगम के पूर्व मेयर यशपाल राणा सहित अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ ने हरिद्वार निवासी योगेश सैनी की याचिका पर प्रमुख सचिव शहरी विकास से कहा कि वे आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करें।
याची के मुताबिक रुड़की के बीटी गंज में सुशीला देवी को लीज पर 2630 वर्ग फुट और 800 वर्ग फुट भूमि आवंटित है। दोनों लीज 1995 और 1997 में समाप्त हो गयी। वहीं 1998 में सुशीला देवी का भी निधन हो गया। इसके बाद सुशीला देवी के पुत्र डा. सम्राट भारत ने नगर पालिका में आवेदन के माध्यम से भूमि का लीज एग्रीमेंट बढ़ाने के लिए आवेदन किया। नगर पालिका ने आवेदन खारिज कर दिया।
इसके बाद सुशीला देवी के पौत्र समर्थ भारत ने उपरोक्त भूमि में से 2718 वर्ग फुट भूमि नगर निगम के तत्कालीन मेयर यशपाल राणा, रोहित कुमार, गगन कालरा और परवेज आलम को बेच दी।
यशपाल राणा और अन्य लोगों ने भूमि पर शो रूम और दुकानों का निर्माण कराया और उन्हें महंगे दामों पर बेच दिया। इस मामले की जांच शहरी विकास विभाग के आदेश पर हरिद्वार के जिलाधिकारी दीपक रावत ने भी की थी। डीएम ने रिपोर्ट शासन को भेज दी थी।