नैनीताल हाई कोर्ट ने गंगा पर एक और ऐतिहासिक फैसला देते हुए गंगा को जीवित आदमी के बराबर अधिकार देने के बाद शुक्रवार को पहली बार लीगल नोटिस जारी किया है।
हाई कोर्ट ने गंगा नदी के साथ राज्य सरकार, पर्यावरण बोर्ड, नगर पालिका ऋषिकेश और केन्द्रीय पयार्वरण बोर्ड को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। ऋषिकेश के खादा खड़क माफ़ नामक गांव में बन रहे ट्रैंचिंग ग्राउंड का मामला था। मामले की अगली सुनवाई आठ मई को होगी।
हाई कोर्ट ने ऋषिकेश में गंगा नदी के समीप ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका को सुनने के बाद गंगा नदी, निदेशक नमामि गंगे, सचिव उत्तराखंड शासन को नोटिस जारी कर आठ मई तक जवाब दाखिल करने को कहा।