नैनीताल हाईकोर्ट ने देहरादून शहर में चलने वाले विक्रम ऑटो व अन्य तीन पहिया वाहनों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।
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राजधानी में चलने वाले विक्रम ऑटो व अन्य तीन पहिया वाहनों की अधिक संख्या और इनसे शहर में होने वाली समस्या के मामले में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आठ सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
संयुक्त खंडपीठ के समक्ष हुई सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश बारिन घोष एवं न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार गुप्ता की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
देहरादून निवासी अभिनव गर्ग ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि देहरादून शहर में चलने वाले विक्रम ऑटो और अन्य तिपहिया वाहनों की अत्यधिक संख्या और अनियंत्रित संचालन के कारण शहर के अंदर आम जनता को ट्रैफिक जाम आदि समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
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याचिका में कहा गया कि शहर के वायु प्रदूषण के लिए ये वाहन मुख्य कारक हैं क्योंकि इन वाहनों के मालिक प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन कर रहे हैं। प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी इसकी अनदेखी कर रहा है।
संख्या सुनिश्चित करें
याची ने अदालत से यह भी प्रार्थना की कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार को निर्देश दिया जाए कि शहर में संचालित वाहनों के परमिटों की अधिकतम संख्या सुनिश्चित करें।
शहर में तिपहिया वाहनों को उनके परमिट की शर्तों के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रावधानों के अनुपालन के साथ संचालित किया जाए। पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आठ सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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