नैनीताल हाईकोर्ट ने अल्मोड़ा स्पोर्ट्स स्टेडियम में रावण के पुतले का दहन रोकने के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए जनहित याचिका ठुकरा दी है। मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष सोमवार को मामले की सुनवाई हुई।
यह था मामला
अल्मोड़ा, खत्याड़ी के ग्राम प्रधान हरसिंह कनवाल व अन्य खिलाड़ियों ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि 2013-14 में 10 लाख 83 हजार रुपये की लागत से अल्मोड़ा स्पोर्ट्स स्टेडियम का जीर्णोद्घार किया था।
कहा कि यदि स्टेडियम में दशहरे के दौरान रावण के पुतले का दहन किया जाएगा तो वहां की घास आदि को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए रावण के पुतले का दहन स्पोर्ट्स स्टेडियम में न कर कहीं और करने की मांग की गई थी।
पक्षों की सुनवाई के बाद खंडपीठ ने जनहित याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता अपनी मांग के लिए सरकार को प्रार्थना पत्र दे सकता है।