उत्तराखंड उच्च न्यायालय से पूर्व विधायक रेखा आर्या के पति जीएल साहू की गिरफ़्तारी पर रोक सम्बन्धी याचिका निस्तारित हो गई। न्यायालय ने साहू को उत्तराखंड से बाहर न्यायालय की अनुमति लेकर जाने को कहा है।
साथ में न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ ने साहू को एक हफ्ते में जांच अधिकारी से मुलाकात कर जांच में सहयोग करने को कहा है।
हाईकोर्ट ने सोमेश्वर की पूर्व विधायक रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले में दायर गिरफ्तारी पर रोक लगाने वाली याचिका चार अगस्त तय की थी।
बुधवार को न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई थी। मामले के अनुसार 26 जुलाई 2016 को किच्छा निवासी सुंदर सिंह बिष्ट ने कांग्रेस की पूर्व विधायक रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ एफआईआर लिखाई थी।
इसमें आरोप लगाया गया था कि प्रार्थी के नाम ग्राम चुटकी देवरिया में खसरा संख्या 107 की भूमि की रजिस्ट्री करने के लिए याचिकाकर्ता जीएल साहू के साथ इकरारनामा हुआ, लेकिन बाद में याचिकाकर्ता जीएल साहू ने जमीन की रजिस्ट्री कार्यकर्ता सुंदर सिंह के नाम करने के बजाय एक अन्य व्यक्ति महेंद्र सिंह के नाम कर दी थी।
सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि याचिकाकर्ता साहू का आपराधिक इतिहास है। पूर्व सुनवाई में सरकार ने कोर्ट को बताया था कि याचिकाकर्ता के खिलाफ बरेली व ऊधमसिंह नगर में हत्या, धोखाधड़ी के तीन दर्जन से अधिक केस दर्ज है।