उच्च न्यायालय ने प्रदेश में कुत्तों, बंदरों, लंगूरों के आतंक के मामले में दायर जनहित याचिका पर सरकार को दो सप्ताह में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिया है।
बुधवार को मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। नैनीताल निवासी अधिवक्ता गिरीश चंद्र खोलिया ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि प्रदेश में कुत्तों, बंदरों और लंगूरों का आतंक फैला हुआ है। कुत्तों ने नैनीताल, हल्द्वानी सहित हजारों लोगों को काटा है।
सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। नैनीताल में कुत्तों के डर से एक पर्यटक बच्ची की मौत हो गई थी। याचिका में कहा गया कि कुत्ते मालरोड में शान से रह रहे हैं और जनता डरते हुए जी रही है।
इन कुत्तों, बंदरों व लंगूरों की वजह से लोगों को आने-जाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी अस्पताल में मेडिकल की सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण पीड़ितों को निजी अस्पताल या हल्द्वानी जाना पड़ता है।