मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिह रावत ने सोमवार को बीडी पांडे अस्पताल में 1.20 करोड़ की लागत से स्थापित जनसुविधाओं के साथ ही हिलांस किचन कैंटीन का भी शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने विकास भवन भीमताल और कलक्ट्रेट परिसर नैनीताल में स्थापित हिलांस कैंटीन का वर्चुअल शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री रावत ने डीएम सविन बंसल द्वारा बीडी पांडे अस्पताल में डिजिटल एक्सरे मशीन, अल्ट्रासाउंड मशीन और अन्य सुविधाओं को स्थापित करने पर बंसल की तारीफ की। यहां संक्षिप्त संबोधन मे सीएम ने कहा प्रदेश सरकार हर नागरिक तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है। कार्यक्रम में सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी, प्रमुख चिकित्साधीक्षक केएस धामी आदि मौजूद थे।
पुलिस ने जिपं अध्यक्ष और भाजपा नगर अध्यक्ष को मंच तक आने से रोका
सोमवार को यहां तल्लीताल डांठ में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्षा बेला तोलिया और भाजपा मंडल अध्यक्ष आनंद सिंह बिष्ट को पुलिस ने मंच तक नहीं पहुंचने दिया। पुलिस के इस कदम से दोनों नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई। सोमवार सुबह 10 बजकर 54 मिनट पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तल्लीताल डांठ में होने वाले कार्यक्रम के लिए बनाए गए मंच पहुंच गए। इसके कुछ देर बाद भाजपा मंडल अध्यक्ष आनंद सिंह बिष्ट और भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह बिष्ट मंच की ओर बढ़े तो मौके पर तैनात पुलिस ने उन्हें रोक लिया। बिष्ट ने पुलिस को बताया कि वह भाजपा के नैनीताल मंडल के अध्यक्ष हैं, फिर भी पुलिस ने उन्हें प्रवेश नहीं दिया और पीछे के रास्ते दर्शक दीर्घा में जाने को कहा।
आनंद बिष्ट पीछे के रास्ते पहुंचे तो वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें वहां भी दर्शन दीर्घा में नहीं जाने दिया। इससे बिष्ट खासे गुस्सा गए। इसी बीच मंच पर बैठे भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने पास में खड़े एक अधिकारी से कुछ कहा जिसके बाद भाजपा मंडल अध्यक्ष आनंद बिष्ट को मंच पर जाने दिया गया। ऐसा ही कुछ जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया के साथ भी हुआ। जैसे ही बेला तोलिया ने कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश करना चाहा तो पुलिस ने रोक लिया। तब बेला वापस मुड़ीं और कार्यक्रम स्थल में एकदम पीछे जाकर खड़ी हो गईं। इसी बीच भाजपा नेता दयाकिशन पोखरिया की नजर जिला पंचायत अध्यक्ष पर पड़ी तो वह उनके पास पहुंचे। पोखरिया ने पुलिस को जिला पंचायत अध्यक्षा का परिचय दिया जिसके बाद पुलिस ने उन्हें मंच तक जाने के लिए रास्ता खोला।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का विरोध करने पहुंचे युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने सीएम के पहुंचने से पहले ही धर दबोचा। इस दौरान नारेबाजी कर रहे कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में उन्हें किसी तरह वाहन में बैठाकर पुलिस लाइन छोड़ दिया गया।
युवक कांग्रेस अध्यक्ष पवन जाटव के नेतृत्व में कार्यकर्ता सुबह दस बजे तल्लीताल डांठ पर जुट गए। खबर मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर दी। कार्यकर्ताओं ने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। नारेबाजी के बीच दोनों पक्षों में जमकर धक्का-मुक्की हुई। बाद में पुलिस ने किसी तरह कार्यकर्ताओं को काबू कर एक वाहन में बैठाया और पुलिस लाइन ले जाकर छोड़ दिया।
इस दौरान युकां अध्यक्ष जाटव ने कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। प्रदेश सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी समेत हर मोर्चे पर पूरी तरह से फेल साबित हुई है। सीएम का विरोध करने पहुंचने वालों में पवन जाटव, शादाब, सुमित, डैनी, आकाश, कुश, सौरभ, विक्की, अफसर, शाहिद आदि शामिल थे।
ज्ञापन देने पहुंचीं आशा कार्यकर्ताओं को कोतवाली ले गई पुलिस
मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने बीडी पांडे अस्पताल पहुंचीं आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने ज्ञापन देने से पहले ही कोतवाली पहुंचा दिया। घंटों तक आशा कार्यकर्ता कोतवाली में बैठीं रहीं। इससे सरकार के प्रति आशा कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा है।
आशा वर्कर्स यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल के नेतृत्व में दर्जन भर से आशाएं सोमवार की सुबह ज्ञापन लेकर बीडी पांडे अस्पताल पहुंची। वह बीडी पांडे अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को ज्ञापन देना चाहती थी। मौके पर मौजूद पुलिस ने आशाओं से कहा कि वह अस्पताल के बाहर सीएम को अपना ज्ञापन दे सकती हैं। यह सुन आशाएं अस्पताल के बाहर आ गईं।
इसी बीच बाहर पहले से तैनात महिला पुलिस ने आशाओं को पुलिस की गाड़ी में बैठाकर कोतवाली पहुंचा दिया। सुबह दस बजे से लेकर दोपहर बाद तक आशाओं को कोतवाली के भीतर ठंड में बैठाए रखा। पुलिस की इस कार्रवाई पर आशा कार्यकर्ताओं ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल का कहना है कि वह पुलिस की इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध करती हैं। कहा कि वह केवल ज्ञापन देने के लिए पहुंचे थे न कि विरोध प्रदर्शन के लिए। इस मौके पर पुष्पा मेहरा, सुमन बिष्ट, बीना उप्रेती, विमला ठठोला आदि शामिल थे।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान सोमवार को नगर के पत्रकारों को भी पुलिस का कोपभाजन बनना पड़ा। तल्लीताल डांठ में जब कार्यक्रम शुरू हुआ तो देरी से पहुंचने वाले पत्रकारों को कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंचने दिया गया। बीडी पांडे अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने स्वयं कई पत्रकारों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। यही स्थिति उत्तराखंड प्रशासन अकादमी में भी रही, जहां कई पत्रकारों को मुख्य गेट पर ही रोक दिया गया जिस कारण वह कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच सके। पुलिस के इस व्यवहार को लेकर पत्रकारों में खासा गुस्सा है।
सीएम के जाने के बाद होटलों से निकले पर्यटक
नगर में सोमवार को देर शाम पर्यटकों की चहलकदमी से सरोवर नगरी गुलजार रही। सुबह मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के चलते वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी, जिस कारण दिन में पर्यटन स्थलों और बाजार में सुनसानी छाई रही। दो बजे बाद मालरोड, पंतपार्क में पर्यटकों की भीड़ नजर आई। झील में भी पर्यटकों ने दोपहर बाद नौकायन किया। नगर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में शामिल चिड़ियाघर में सोमवार को 228 पर्यटक पहुंचे। वाटर फॉल में सर्वाधिक 359 पर्यटकों ने मौज मस्ती की, जबकि हिमालयन बॉटनिकल गार्डन में 79 पर्यटक आए। केव गार्डन में 200 पर्यटकों ने प्राकृतिक गुफाओं के दीदार किए। वहीं बारहपत्थर में 90 पर्यटकों ने घुड़सवारी की।